संसद में सड़क के आचरण से स्पीकर ओम बिरला नाराज, विपक्षी सांसदों को लगाई फटकार

संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन निचले सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही विपक्षी दलों के सदस्य पहले दो दिन की तरह ही हंगामा करने लगे। विपक्षी सांसदों ने आसन के निकट पहुंचकर नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं, जिन पर एसआईआर विरोधी नारे लिखे हुए थे।
उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद, पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर को रोकने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावों समेत कुछ विषयों पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया।
लोकसभा अध्यक्ष @ombirlakota ने प्रदर्शनकारी सांसदों से सीटों पर लौटने की अपील की |
उन्होंने कहा—"आपका आचरण संसदीय नहीं, सड़क जैसा है।"
तख्तियाँ लेकर वेल में आना अस्वीकार्य है।सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक तक स्थगित कर दी गयी #Parliament @loksabhaspeaker @LokSabhaSectt pic.twitter.com/CRe8FeSy5D
— SansadTV (@sansad_tv) July 23, 2025
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों ने अपने स्थान पर जाने और सदन चलने देने की अपील की। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा कि संसद लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था है। आपसे मेरा आग्रह रहता है कि संसद और संसद परिसर के अंदर आपका व्यवहार, आचरण और कार्यपद्धति मर्यादित होनी चाहिए। देश की जनता ने आप लोगों को अपनी आवाज, कठिनाई, चुनौतियों, देश से जुड़ें मुद्दों और नीतियों पर चर्चा के लिए भेजा है।
उन्होंने कहा कि आप सड़कों का आचरण-व्यवहार संसद में कर रहे हैं। देश यह देख रहा है। आप जिन राजनीतिक दलों से हैं, उनके नेताओं से भी कहना चाहता हूं कि देश उनके सदस्यों के आचरण और कार्यपद्धति को देख रहा है। बिरला का कहना था कि वह हर मुद्दे और विषय पर नियम एवं प्रक्रिया के तहत चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। आप माननीय हो और माननीय जैसा व्यवहार करो।
बिरला ने यह चेतावनी भी दी कि मुझे सदन में तख्तियां लेकर आने वाले सांसदों पर निर्णायक कार्रवाई करनी पड़ेगी। हंगामा नहीं थमने पर उन्होंने करीब 11 बजकर 10 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
