रायपुर में चली ऐसी चाल! ग्रैंडमास्टर थिप्से ने CM साय से मिलकर कौन-सा ‘मास्टर प्लान’ बनाया?
अर्जुन अवार्डी और राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियन प्रवीण महादेव थिप्से पहुंचे रायपुर, बंद कमरे में हुई अहम बातचीत… खेल और विकास पर निकला बड़ा संदेश!

रायपुर। राजधानी के मुख्यमंत्री निवास में बीते दिन एक ऐसी मुलाकात हुई जिसने खेल और राजनीति—दोनों जगत में हलचल मचा दी। दरअसल, भारत के अंतर्राष्ट्रीय शतरंज खिलाड़ी और ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शिष्टाचार भेंट की।
थिप्से, जो राष्ट्रमंडल शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित दिग्गज खिलाड़ी हैं, ने CM साय के साथ लंबी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने थिप्से की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की और कहा कि उनकी प्रतिभा आने वाली पीढ़ी को नई दिशा दिखाती है। इस मौके पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
लेकिन यहीं पर कहानी और रोचक हो गई…!
दरअसल, उसी दिन गंगरेल बांध डुबान क्षेत्र की 11 मछुआ सहकारी समितियों के सदस्य भी मुख्यमंत्री निवास पहुँचे। उन्होंने पुनः मछली पालन का अधिकार मिलने पर सरकार का आभार जताया और मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। तीन जिलों—धमतरी, कांकेर और बालोद—के इन ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ भी सामने रखीं।
CM साय ने इस दौरान बड़ा ऐलान किया। उन्होंने डुबान क्षेत्र में जनसुविधा के लिए एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और जल्द ही राष्ट्रीय बैंक की शाखा खोलने का आश्वासन दिया।
उन्होंने आगे कहा कि—
“गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। स्वच्छ भारत मिशन ने महिलाओं को सम्मान दिलाया, जनधन योजना ने हर नागरिक को बैंकिंग से जोड़ा और डीबीटी व्यवस्था ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाई है।”
इस तरह एक ही दिन में शतरंज की बिसात और गांव की बुनियादी समस्याएँ, दोनों पर ऐसी चालें चली गईं जिनका असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा।


