छत्तीसगढ़

मनेन्द्रगढ़ में लव मैरिज से ऐसी नफरत: मौत के बाद भी नहीं देखें बेटे का मुंह, कंधा देने तक नहीं पहुंचे परिजन, पुलिसवालों ने कराया अंतिम संस्कार

रायपुर। राजधानी से 285 किलोमीटर दूर मनेन्द्रगढ़ से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। प्रेम विवाह से परिजन इस कदर नाराज हुए कि शादी के कई सालों बाद भी परिवार ने बेटी को अपने से दूर रखा… बेटी से नफरत इतनी कि दामाद की मौत के बाद भी कंधा देने तक नहीं पहुंचे। इस घटना ने पुलिस को मदद करने के लिए मजबूर कर दिया, लेकिन न महिला के परिजन मदद के लिए सामने आए और न ही मृतक के परिवार से कोई सदस्य सामने आया। मनेन्द्रगढ़ कोतवाली प्रभारी ने पुलिसकर्मियों के साथ मृतक का अंतिम संस्कार उसके 2 साल के बच्चे और पत्नी की मौजूदगी में किया।

दरअसल, कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा अमलीबहरा निवासी सविता सिंह का विवाह मध्यप्रदेश ग्वालियर के निक्की वाल्मीकि से हुआ था। शादी के बाद से ही सविता अपने पति के साथ रह रही थी। प्रेम विवाह से दोनों के परिवार वाले नाराज थे। इसी वजह से सविता और निक्की अलग रहकर हंसी खुशी से जीवन बसर कर रहे थे। दोनों का एक दो साल का बच्चा भी है। मंगलवार को निक्की की मौत हो गई। मौत के बाद सविता ने अपने माता पिता और सास ससुर से संपर्क भी किया, लेकिन किसी ने भी सामने आकर मदद नहीं की। सविता के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे भी नहीं थे।

बीते मंगलवार को दो साल के मासूम और शव वाहन के साथ रात 8 बजे मनेन्द्रगढ़ थाने पहुंची। यहां सिटी कोतवाली प्रभारी सचिन सिंह को देखते ही रोते बिलखते हुए मदद की गुहार लगाने लगी। महिला का दर्द देख थाने में मौजूद थानेदार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की आंखें नम हो गई। कोतवाली प्रभारी ने रोती हुई महिला को चुप कराया और अंतिम संस्कार कराने की बात कही।

बुधवार सुबह सिटी कोतवाली प्रभारी सचिन सिंह अपने थाना स्टाफ के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियों में लग गए और पुलिसकर्मियों को लेकर सुबह मुक्तिधाम पहुंचे। हिन्दू रीति रिवाज के साथ मृतक के दो साल के बच्चे को गोद मे लेकर मृतक को मुखाग्नि दी गई और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करवाई गई।

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