छत्तीसगढ़

जेल की सजा… लेकिन अस्पताल में ‘VIP जिंदगी’! आरोपी का मोबाइल चलाते वीडियो वायरल, मचा बवाल

कोरबा मेडिकल कॉलेज में अलग कमरा और आराम से मोबाइल इस्तेमाल करता दिखा आरोपी, खुलासे के बाद मचा हड़कंप

Korba में चेक बाउंस मामले के एक आरोपी को अस्पताल में कथित तौर पर वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस दोनों सवालों के घेरे में आ गए हैं।

जानकारी के मुताबिक चेक बाउंस मामले में न्यायालय द्वारा छह दिन की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी अपूर्व वासन को Government Medical College Hospital Korba में भर्ती करा दिया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी को 6 मार्च को अस्पताल में दाखिल किया गया था।

हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल में उसे सामान्य वार्ड या आईसीयू में रखने के बजाय एक अलग कमरा दिया गया। इस दौरान वह पुलिसकर्मी की मौजूदगी में आराम से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हो गया। अस्पताल परिसर में कई लोगों ने उसे घूमते-फिरते भी देखा।

वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया और आरोपी को जल्दबाजी में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गोपाल कंवर ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं Chhattisgarh Police के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपी को जेल में दाखिल करा दिया गया है।

जानकारों के अनुसार आरोपी को अदालत से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन नियमों के तहत जमानत की प्रक्रिया पूरी करने से पहले उसे जेल में दाखिल कराना जरूरी होता है। इसलिए औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसे पहले जेल भेजा गया।

हालांकि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जेल की सजा पाने वाले आरोपी को अस्पताल में आखिर किसके आदेश पर वीआईपी सुविधा दी जा रही थी।

 

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