नारायणपुर के होनहारों की बदलेगी किस्मत! 50 युवाओं को मुफ्त PSC-व्यापम कोचिंग, आवास और भोजन भी मिलेगा
बस्तर की छिपी प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच, 26 बेटियां और 24 युवाओं का पहले बैच में चयन; विशेषज्ञों की निगरानी में होगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

रायपुर। बस्तर अंचल के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले मेधावी युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। नारायणपुर में अब प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचाने के लिए मुफ्त PSC और व्यापम आवासीय कोचिंग की शुरुआत हो गई है। जिला प्रशासन की इस पहल से उन युवाओं को खास फायदा मिलेगा, जो आर्थिक परेशानियों या संसाधनों की कमी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी नहीं कर पाते थे।
DMFT निधि से शुरू हुआ निःशुल्क कोचिंग सेंटर
जिले के प्रभारी मंत्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से संचालित निःशुल्क PSC एवं व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया।
इस सेंटर का उद्देश्य नारायणपुर जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभावान युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण, सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
पहले बैच में 50 होनहारों का चयन
कोचिंग सेंटर के पहले बैच के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई गई। इसमें कुल 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। खास बात यह है कि चयनित विद्यार्थियों में 26 बालिकाएं और 24 बालक शामिल हैं।
यानी जिले के युवाओं के साथ-साथ बेटियों को भी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी के लिए बराबर का अवसर दिया जा रहा है।
रहने-खाने से लेकर पढ़ाई तक सबकुछ मुफ्त
चयनित विद्यार्थियों को कोचिंग के साथ कई सुविधाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्हें आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी बैग, कॉपी, मानक पुस्तकें, पेन और स्टडी किट भी वितरित की गई है।
विषय विशेषज्ञ नियमित कक्षाएं लेकर विद्यार्थियों को PSC और व्यापम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न और तैयारी की रणनीति के बारे में मार्गदर्शन देंगे।
प्रशासन की सीधी निगरानी में चलेगा सेंटर
इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को बनाया गया है। विभाग की ओर से कोचिंग सेंटर की व्यवस्थाओं के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाएगी।
इस पहल से नारायणपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्र के युवाओं को अपने जिले में रहकर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा।
अब मंजिल तक पहुंचने की चुनौती
कोचिंग सेंटर की शुरुआत के साथ ही इन 50 युवाओं के सामने अपने सपनों को हकीकत में बदलने की चुनौती भी शुरू हो गई है। प्रशासन की ओर से उन्हें संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है, अब इन होनहारों की मेहनत तय करेगी कि नारायणपुर से निकलकर कितने युवा PSC और व्यापम की परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचते हैं।


