छत्तीसगढ़

8.19 करोड़ की बड़ी मंजूरी के पीछे क्या है बड़ा खेल? केलो नदी के काम और जमीन चयन पर उठे सवाल!

जल संसाधन विभाग की ताबड़तोड़ स्वीकृति, सिंचाई से लेकर कॉलेज भवन तक—क्यों बढ़ी हलचल?

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने रायगढ़ जिले में केलो नदी से जुड़ी दो अहम सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 8 करोड़ 19 लाख 64 हजार रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत कर दी है। फैसले के बाद क्षेत्र में विकास की उम्मीद जगी है, लेकिन अचानक हुई इस स्वीकृति ने कई लोगों की उत्सुकता भी बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार, विकासखण्ड-रायगढ़ अंतर्गत केलो नदी पर स्थित जेलपारा एनीकट के जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ 85 लाख 79 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रस्तावित कार्य में एनीकट की मरम्मत और सभी क्षतिग्रस्त गेटों का पुनर्निर्माण शामिल है। वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रहे इस एनीकट को अब नई जिंदगी मिलने जा रही है।

वहीं विकासखण्ड-पुसौर में केलो परियोजना के अंतर्गत टेंगापाली वितरक नहर की कांक्रीट लाइनिंग के लिए 4 करोड़ 33 लाख 85 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। इस कार्य के पूरा होने के बाद 1151.53 हेक्टेयर के रूपांकित सिंचाई क्षेत्र में 258.53 हेक्टेयर की जो कमी थी, उसकी भरपाई हो सकेगी। किसानों को पूरे निर्धारित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने का दावा किया गया है।


🏗️ जमीन चयन पर भी मचा हलचल

इसी बीच जिले में लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए पेंड्रारोड तहसील के ग्राम सारबहरा में 5.00 हेक्टेयर शासकीय आबादी भूमि (खसरा नंबर 14/1 और 15/1) का चयन किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था को इस चयन पर आपत्ति है तो वे 11 मार्च 2026 तक न्यायालय तहसीलदार पेंड्रारोड में लिखित आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त किसी भी दावा या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।


अब सवाल यह है कि करोड़ों की इस मंजूरी से क्या वाकई किसानों और युवाओं की किस्मत बदलेगी, या फिर आगे कोई नया विवाद जन्म लेगा?

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