रायपुर में अब डिलीवरी की जल्दी पड़ेगी भारी! 10-15 मिनट के चक्कर में नियम तोड़े तो कंपनी भी होगी जिम्मेदार
ट्रैफिक पुलिस ने Flipkart, Blinkit समेत ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों को दी सख्त हिदायत, डिलीवरी एजेंटों के लिए हेलमेट, स्पीड और रॉन्ग साइड को लेकर जारी किए निर्देश

रायपुर। ऑनलाइन सामान जल्द पहुंचाने के चक्कर में अगर डिलीवरी एजेंट ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, तो अब इस पर पुलिस की नजर रहेगी। रायपुर यातायात पुलिस ने ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के संचालकों और मैनेजरों के साथ बैठक कर साफ निर्देश दिए हैं कि डिलीवरी की समय सीमा के दबाव में कर्मचारियों से सड़क सुरक्षा से समझौता न कराया जाए।
पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में Flipkart, Blue Dart, Delivery.com, Blinkit समेत अन्य डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधि और मैनेजर मौजूद रहे।
10-15 मिनट की डेडलाइन पर पुलिस की दो टूक
बैठक में सबसे अहम निर्देश डिलीवरी की तय समय सीमा को लेकर दिया गया। यातायात पुलिस ने कंपनियों से कहा कि डिलीवरी एजेंटों पर 10-15 मिनट जैसी सख्त डेडलाइन का दबाव न बनाया जाए।
पुलिस के मुताबिक, समय पर डिलीवरी पहुंचाने के दबाव में कर्मचारी कई बार तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, रॉन्ग साइड जाते हैं या अन्य ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। इससे गंभीर सड़क हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
हेलमेट से लेकर मोबाइल तक, इन नियमों का करना होगा पालन
यातायात पुलिस ने डिलीवरी कंपनियों को निर्देश दिए कि उनके सभी एजेंट सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
खास तौर पर—
- हेलमेट पहनकर वाहन चलाएं।
- रॉन्ग साइड में वाहन न चलाएं।
- ओवरस्पीडिंग से बचें।
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
- किसी भी तरह से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन न करें।
पुलिस ने कंपनियों से अपने कर्मचारियों को लगातार सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने को भी कहा है।
डिलीवरी एजेंटों का होगा चरित्र सत्यापन
बैठक में नागरिकों की सुरक्षा और डिलीवरी सेवाओं के प्रति भरोसा बनाए रखने के लिए डिलीवरी कर्मचारियों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए।
यातायात पुलिस ने कंपनियों से कहा कि उनके यहां काम करने वाले सभी डिलीवरी कर्मियों का आवश्यक पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो।
नियम तोड़ा तो कंपनी को भी करना होगा एक्शन
पुलिस ने कंपनियों को यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई डिलीवरी एजेंट यातायात नियमों का उल्लंघन करता है या लापरवाही से वाहन चलाता है, तो संबंधित कंपनी भी अपने स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करे।
इसके साथ ही कंपनियों को अपने कर्मचारियों को समय-समय पर सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
आम लोगों से भी पुलिस की खास अपील
यातायात कमिश्नरेट रायपुर ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि ऑनलाइन डिलीवरी मंगाने के बाद सामान जल्दी पाने की जल्दबाजी न करें। डिलीवरी एजेंटों पर जल्द पहुंचने का दबाव डालने से वे सड़क पर जोखिम उठाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से कहा कि डिलीवरी कुछ मिनट देर से मिले तो कोई बात नहीं, लेकिन किसी की जान जोखिम में नहीं पड़नी चाहिए। सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करें।
