कोरोना में बना भरोसा… फिर 1.5 करोड़ की ठगी! रायपुर के बड़े डॉक्टर को चांवला परिवार ने ऐसे फंसाया
इलाज से शुरू हुई दोस्ती, व्यापार के नाम पर उड़ाए करोड़ों – FIR दर्ज, जांच शुरू

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें कोविड काल में मरीज के रूप में आए एक परिवार ने इलाज के बहाने नजदीकियां बढ़ाईं और फिर एक प्रतिष्ठित डॉक्टर को 1.5 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बना डाला।
शंकर नगर निवासी डॉ. बी. बालाकृष्णा, जो “एडवांस चेस्ट सेंटर” के संचालक हैं, ने मनोज चांवला, उनकी पत्नी खुशबू, और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की शिकायत दर्ज करवाई है।
कैसे रची गई ठगी की पूरी स्क्रिप्ट?
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कोविड के दौरान मनोज चांवला और उसके परिवार का क्लिनिक आना-जाना शुरू हुआ।
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धीरे-धीरे परिचय इतना बढ़ा कि चांवला परिवार को फार्मेसी और लैब का प्रबंधन दे दिया गया।
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डॉक्टर ने अस्पताल विस्तार की योजना बनाई तो मनोज ने ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट का लालच दिया।
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डॉ. बालाकृष्णा ने किस्तों में 1.5 करोड़ रुपये सौंप दिए।
वादा किया मुनाफा, दिया धोखा!
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पैसे लौटाने की बात पर चांवला परिवार ने कहा: “हमने तो कुछ लिया ही नहीं!”
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बाद में जब डॉक्टर ने दबाव बनाया तो 1 करोड़ लौटाने का समझौता किया गया।
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15-15 लाख के 10 चेक दिए गए, लेकिन खाते में पैसे ही नहीं थे!
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PI चेक हुआ फर्जी, और डॉक्टर को धोखा देने की नीयत साफ झलक गई।
FIR दर्ज, अब होगा बड़ा खुलासा?
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सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज, IPC की धारा 409, 120B और 34 के तहत।
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आरोपियों में: मनोज चांवला, खुशबू चांवला, चेतन चांवला, नैना चांवला और कांता चांवला।
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पहले भी दर्ज है धोखाधड़ी का केस, और गिरफ्तारी हो चुकी है।
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अब डॉक्टर समेत कई अन्य पीड़ितों के सामने आने की उम्मीद!
वर्तमान पता:
हाउसिंग बोर्ड, फेस-1, डुप्लेक्स फ्लैट, कचना, रायपुर

