छत्तीसगढ़

विद्या भारती संस्था का भारत की संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान

मुख्यमंत्री साय ने बिलासपुर में नव-निर्मित सरस्वती महाविद्यालय भवन का लोकार्पण किया, मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विद्या भारती संस्था भारत की संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने में विशिष्ट योगदान दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र गौरव निर्माण में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

मुख्यमंत्री श्री साय आज बिलासपुर के कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में नव-निर्मित सरस्वती महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करने पहुँचे। इस अवसर पर विद्या भारती द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में प्रदेश के 33 जिलों के सरस्वती स्कूलों से चयनित 24 मेधावी छात्र-छात्राओं और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की। विशेष अतिथियों के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव उपस्थित रहे। बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह भी विशेष रूप से शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने सरस्वती स्कूल परिसर में नव-निर्मित महाविद्यालय भवन का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। इसके बाद आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि मेधावी छात्र-छात्राएँ अपनी मेहनत, अनुशासन और संस्कारों से प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह नया भवन शिक्षा और ज्ञान के विस्तार का प्रतीक है, जो समाज को नई दिशा देगा।

सीएम ने बताया कि सरस्वती महाविद्यालय ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय और इसरो, बेंगलुरु के साथ एमओयू किए हैं, जिससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी क्षेत्र में अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही पं. सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय का स्टडी सेंटर भी यहाँ प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषा में शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, हाइटेक लाइब्रेरी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सुविधाएँ विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि विद्या भारती शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य कर रही है और भारतीय संस्कृति को सहेजने के प्रयासों की सराहना की।

विद्या भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री देव नारायण ने संस्था के सिद्धांतों और कार्य-प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरस्वती संस्थान द्वारा अब तक छत्तीसगढ़ में तीन महाविद्यालयों की स्थापना और सात प्रकल्प संचालित किए गए हैं। ग्राम भारती के अंतर्गत 1,100 से अधिक विद्यालय कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपरा नई पीढ़ी तक पहुँच रही है।

कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर नगर निगम महापौर पूजा विधानीक्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सरस्वती शिक्षा संस्थान के अध्यक्ष राम भरोसा सोनीसरस्वती ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष और सचिवगण सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

Related Articles

Back to top button