“सीवेज टैंक बना मौत का कुआं! 3 सफाईकर्मियों की जान गई, अब ठेकेदार पर गिरी FIR की गाज”
बिना सुरक्षा उपकरण उतारे गए मजदूर… जहरीली गैस ने ली जान, अस्पताल में मचा हड़कंप!

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सीवेज टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाईकर्मियों की मौत के मामले में अब पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
😨 कैसे बना ‘डेथ ट्रैप’?
17 मार्च को भाठागांव स्थित BSUP कॉलोनी के तीन श्रमिक—प्रशांत कुमार (32), अनमोल मचकन (25) और गोविंद सेंद्रे (35)—अस्पताल के सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे थे। लेकिन कुछ ही पलों में जहरीली गैस की चपेट में आकर तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की गई थी। श्रमिकों को न तो ऑक्सीजन मास्क दिया गया, न ही कोई सेफ्टी बेल्ट या किट—यानी उन्हें सीधे मौत के मुंह में धकेल दिया गया।
⚖️ ठेकेदार पर FIR, जांच जारी
मामले में टिकरापारा थाना पुलिस ने ठेकेदार किशन सोनी के खिलाफ जुर्म दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
😡 परिजनों का हंगामा
हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में देर रात तक जमकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि लापरवाही के कारण उनके अपनों की जान गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।



