छत्तीसगढ़

झारखंड में इस साल 24 नक्सली ढेर – मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य

10 लाख के इनामी अमित हांसदा मुठभेड़ में ढेर, अब 58 नक्सली इनामी सूची में – पुलिस ने तेज की कार्रवाई


रांची। झारखंड को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की है। जनवरी से अब तक 24 नक्सली मारे जा चुके हैं। रविवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बुर्जुवा पहाड़ी पर पुलिस ने 10 लाख के इनामी नक्सली अमित हांसदा उर्फ अपटन को ढेर कर दिया। अमित 60 से अधिक नक्सली वारदातों में वांटेड था और बोकारो जिले का रहने वाला था।

झारखंड पुलिस का दावा:
पुलिस के अनुसार, राज्य में हर महीने औसतन तीन नक्सली मारे जा रहे हैं। फिलहाल झारखंड में लगभग 100 से 150 माओवादी सक्रिय हैं। वर्तमान में 58 नक्सली इनामी सूची में शामिल हैं, जिन पर कुल 5 करोड़ 46 लाख का इनाम घोषित है। इनमें भाकपा माओवादी के 13 बड़े नाम हैं, जैसे मिसिर बेसरा, पतिराम मांझी और असीम मंडल – जिन पर एक-एक करोड़ का इनाम है।

अब तक की बड़ी कार्रवाई:

  • 21 अप्रैल, बोकारो: लुगु पहाड़ पर मुठभेड़ में 1 करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी समेत 8 नक्सली ढेर।

  • 16 जुलाई, बोकारो: 25 लाख के इनामी कुंवर मांझी समेत 2 नक्सली मारे गए।

  • 5 अगस्त, गुमला: पीएलएफआई कमांडर व 15 लाख के इनामी मार्टिन केरकेट्टा मुठभेड़ में मारा गया।

  • 24 मई, लातेहार: जेजेएमपी सुप्रीमो पप्पू लोहरा (10 लाख का इनामी) और प्रभात गंझू (5 लाख का इनामी) ढेर।

पुलिस का आत्मविश्वास:
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने दावा किया कि झारखंड से 95% नक्सलवाद का सफाया हो चुका है और बचे हुए उग्रवादियों की तलाश तेज है। उन्होंने कहा कि अब बारिश में भी अभियान जारी रहता है, जिससे नक्सलियों के ठिकानों पर लगातार दबाव बना है। विकास योजनाओं के गांवों तक पहुंचने से नक्सलियों का जनाधार भी कमजोर हुआ है।

आंकड़े बताते हैं:

  • राज्य गठन से अब तक 823 नक्सली मारे गए

  • इस दौरान 554 पुलिसकर्मी शहीद हुए।

  • नक्सल हिंसा में 836 ग्रामीणों की हत्या की गई।

सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि अगले 8 महीनों में पूरी तरह सफाया कर मार्च 2026 तक झारखंड को नक्सल मुक्त घोषित कर दिया जाएगा।

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