नेपाल में जेन-ज़ी प्रोटेस्ट का कहर: यूपी-बिहार-छत्तीसगढ़ के सैकड़ों भारतीय फंसे, मदद की लगाई गुहार
कर्फ्यू, हिंसा और आगजनी के बीच भारतीय पर्यटकों से लेकर ट्रक ड्राइवर तक मुश्किल में; काठमांडू में एक भारतीय महिला की दर्दनाक मौत

नेपाल। जेन-ज़ी आंदोलन ने पड़ोसी देश नेपाल की सड़कों को रणभूमि में बदल दिया है। राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में हिंसा, आगजनी और कर्फ्यू का माहौल है। इस संकट में भारत के कई नागरिक नेपाल में फंसे हुए हैं और सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं।
🚨 कर्फ्यू में कैद भारतीय परिवार
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले संतोष कुमार शर्मा और उनका परिवार काठमांडू में फंसा हुआ है। उन्होंने बताया कि वे अपने किराए के मकान में कैद हैं और सिर्फ दो घंटे की छूट में खाने-पीने का सामान खरीद पाते हैं। इसी तरह छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से गए पाँच युवक भी नेपाल में फंसे हैं। उनके परिजनों ने सरकार से मदद की अपील की है।
😨 पर्यटक और ड्राइवर संकट में
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज बॉर्डर पर लौटे पर्यटकों ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने गाड़ियों को जलते हुए देखा। वहीं, सीमा पर कई ट्रक ड्राइवर फंसे हुए हैं। भैरहवा कस्टम ऑफिस में आगजनी के कारण ट्रकों की आवाजाही ठप है और ड्राइवरों को खाने-पीने में भारी परेशानी हो रही है।
💔 भारतीय महिला की मौत
काठमांडू में हुई हिंसा के बीच गाजियाबाद के ट्रांसपोर्टर रामवीर सिंह गोला की पत्नी राजेश गोला की दर्दनाक मौत हो गई। आग लगने के बाद रस्सी के सहारे उतरते समय उनका हाथ छूट गया और नीचे गिरने से उन्होंने दम तोड़ दिया।
🔐 जेल ब्रेक से बढ़ी चौकसी
नेपाल के गौर कारागार से 227 कैदी जेल तोड़कर भाग निकले। इनमें से 13 कैदी भारत में घुसते वक्त पकड़े गए। घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी और सख्त कर दी गई है।
⛽ पेट्रोल संकट और लोगों की नाराज़गी
धनगढ़ी में कर्फ्यू के चलते नागरिकों को पेट्रोल की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। निजी पेट्रोल पंप बंद हैं और सरकारी पंप पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। इस बीच, गुजरात के जामनगर में रह रहे करीब 21 हजार नेपाली नागरिकों ने कहा कि भ्रष्ट नेताओं का पर्दाफाश सकारात्मक है, लेकिन हिंसा और निर्दोषों की मौत ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
📌 सुशीला कार्की का नाम चर्चा में
जेन-ज़ी आंदोलनकारियों ने नेपाल सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य जज सुशीला कार्की के नाम का प्रस्ताव किया है। उनका भारत से गहरा नाता रहा है—वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर कर चुकी हैं।

