“3.5 करोड़ की लूट का राज खुलने वाला!” — सराफा कारोबारी कांड में 4 संदिग्ध यूपी से हिरासत में, बिलासपुर पुलिस आज करेगी बड़ा खुलासा
टक्कर मारकर सिर फोड़ा, गाड़ी लूटी और ऐसे बदले वाहन… फिल्मी स्टाइल वारदात का पर्दाफाश करीब

बिलासपुर। 17 फरवरी की रात हुई करोड़ों की सनसनीखेज लूट का राज अब खुलने के करीब है। राजकिशोर नगर के सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से हुई करीब 3.50 करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात लूट मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
सूत्रों के मुताबिक, चार संदिग्धों को उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। बिलासपुर पुलिस की टीम उन्हें लेकर लौट रही है और आज शाम पूरे मामले का आधिकारिक खुलासा किया जा सकता है।
🚗 ऐसे रची गई थी साजिश
जानकारी के अनुसार, संतोष तिवारी की वसंत विहार चौक स्थित महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप है। 17 फरवरी की रात करीब 9 बजे वे रोज की तरह दुकान बंद कर बिक्री के लिए रखे सोने के जेवर और नकदी कार में लेकर घर लौट रहे थे।
घर से कुछ दूरी पर बीएसएनएल ऑफिस गली के तिराहे पर पहले से खड़ी एक सफेद कार (CG 10 BJ 8147) ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी।
जैसे ही वे कार से बाहर निकले, हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर उनके सिर पर गंभीर चोट पहुंचाई और करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के आभूषण, साढ़े तीन लाख रुपये नकद तथा उनकी कार लेकर फरार हो गए।
🏍️ मौके पर छोड़ी गाड़ियां, फिर बदला रूट
बताया जा रहा है कि आरोपी अपनी वैन और बाइक मौके पर छोड़कर कारोबारी की कार से भागे। बाद में उर्तुम क्षेत्र में गाड़ी छोड़ दी और फिर अलग-अलग वाहनों — स्कॉर्पियो और ह्युंडई आई20 — से उत्तर प्रदेश की ओर निकल गए।
पूरी वारदात किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी सुनियोजित लग रही है।
📱 मोबाइल लोकेशन बनी सुराग
पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मोबाइल लोकेशन और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े सुरागों ने अहम भूमिका निभाई।
सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों को उत्तर प्रदेश के अहरौरा थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है।
🚨 आज होगा बड़ा खुलासा?
फिलहाल पुलिस आधिकारिक पुष्टि से पहले आरोपियों को बिलासपुर ला रही है। उम्मीद है कि आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे घटनाक्रम, बरामदगी और आरोपियों की भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
शहर में इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड ने व्यापारियों के बीच दहशत पैदा कर दी थी। अब सबकी नजर पुलिस के आधिकारिक खुलासे पर टिकी है।
🔎 सवाल यही है — क्या पूरी रकम और जेवरात बरामद हो पाए हैं? और क्या इस वारदात के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय था?
आज शाम जवाब मिल सकता है।
