रायपुर

रायपुरएक साल में उजड़ गया पूरा परिवार! पहले बेटे की रहस्यमयी मौत, फिर पत्नी का फंदा और अब सराफा कारोबारी ने भी दे दी जान

“मैं छोटू के पास जा रही हूं…” पत्नी के सुसाइड नोट के बाद अब पति की मौत से दहला रायपुर, पुराने राज फिर चर्चा में

 

रायपुर। राजधानी रायपुर के पुरानी बस्ती इलाके से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सराफा कारोबारी प्रवाल सोनी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने एक साल पहले हुई उनके परिवार की रहस्यमयी मौतों की यादें फिर ताजा कर दी हैं। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है और घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि प्रवाल सोनी लंबे समय से गहरे मानसिक तनाव में थे। पिछले साल उनके 12 वर्षीय बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। शुरुआत में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर कई सवाल उठे थे। बेटे की मौत के सदमे से परिवार उबर भी नहीं पाया था कि कुछ दिन बाद उनकी पत्नी सोना सोनी का शव घर के स्टोर रूम में फंदे पर लटका मिला था।

उस समय मामले ने बड़ा मोड़ तब लिया था जब मृतका के मायके पक्ष ने प्रवाल सोनी पर शराब पीकर मारपीट करने और कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहने के आरोप लगाए थे। यहां तक कि तंत्र-मंत्र जैसी बातें भी इलाके में चर्चा का विषय बन गई थीं। हालांकि पुलिस ने उस मामले में आत्महत्या की दिशा में जांच आगे बढ़ाई थी।

पत्नी सोना सोनी के पास से मिला एक पन्ने का सुसाइड नोट उस वक्त काफी चर्चा में रहा था। उसमें लिखा था, “मैं छोटू के पास जा रही हूं…”। साथ ही बड़े बेटे को मामा के पास रखने की बात भी लिखी गई थी। पुलिस ने उस समय नोट की हैंडराइटिंग जांच कराने की बात कही थी।

अब एक साल बाद प्रवाल सोनी की आत्महत्या ने इस पूरे परिवार की दर्दनाक कहानी को फिर सुर्खियों में ला दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे पत्नी और बेटे की मौत के बाद पैदा हुए अकेलेपन और मानसिक अवसाद से जोड़कर देख रही है। हालांकि पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस मौत के पीछे सिर्फ मानसिक तनाव था या कोई और वजह भी छिपी है।

फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इलाके में इस घटना के बाद सनसनी का माहौल है और लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस परिवार पर ऐसा कौन सा दुख टूटा जिसने एक-एक कर तीन जिंदगियां छीन लीं।

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