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40 साल का इंतजार खत्म! पहली बार न्यूजीलैंड पहुंचेंगे पीएम मोदी, इस दौरे से बदल सकता है भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों का पूरा समीकरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई को करेंगे ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरा, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर के साथ व्यापार, निवेश, शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद।

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह पहली बार न्यूजीलैंड के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। उनके 12 वर्ष के कार्यकाल का यह पहला न्यूजीलैंड दौरा होगा, वहीं लगभग चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है। इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी घोषणा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई को न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। उन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक बताया।

भारत को बताया सबसे अहम साझेदार

क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए भारत का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर होगी।

1.4 अरब लोगों के बाजार तक बढ़ेगी पहुंच

लक्सन ने अप्रैल 2026 में हुए न्यूजीलैंड-भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समझौता न्यूजीलैंड के निर्यातकों के लिए भारत के 1.4 अरब उपभोक्ताओं वाले विशाल बाजार के दरवाजे खोलेगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

भारत में 20 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य

न्यूजीलैंड सरकार ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर तक निवेश बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में भारत सरकार भी सहयोग के लिए तैयार है। निवेश प्रक्रियाओं को सरल और तेज़ बनाने के लिए भारत में न्यूजीलैंड के निवेशकों के लिए एक विशेष “सिंगल डेस्क” व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति बनी है।

न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा कि इस व्यवस्था से निवेश संबंधी मंजूरियां तेजी से मिल सकेंगी, जिससे न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए भारत में कारोबार करना पहले से अधिक आसान होगा। उन्होंने भारतीय बाजार को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं के लिए बेहद संभावनाशील बताया।

किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, खेल, प्रतिभा आवागमन और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), महिला उद्यमियों, छात्रों और कुशल पेशेवरों को भी इस समझौते से व्यापक लाभ मिलने की संभावना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। यदि प्रस्तावित समझौतों पर सहमति बनती है, तो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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