‘माता होत ना कुमाता’… लेकिन यहां मां ही बनी बेटे की कातिल! 14 साल के आयुष की हत्या ने झकझोरा साहिबगंज
आपत्तिजनक हालत में देख लिया था सच… बदनामी के डर में मां और प्रेमी ने गला घोंटकर की हत्या

साहिबगंज (झारखंड)। झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव से सामने आई एक वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। 7 फरवरी की रात 14 वर्षीय आयुष की हत्या कर दी गई—और जब पुलिस ने परतें खोलीं, तो सच्चाई ने सबको हिला कर रख दिया।
पुलिस के मुताबिक, 33 वर्षीय मीनू देवी का अपने ही सगे रिश्तेदार रोहित साहा के साथ पिछले दो वर्षों से अवैध संबंध था। आरोप है कि 7 फरवरी की रात आयुष ने अपनी मां और रोहित को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस बात से दोनों घबरा गए। बदनामी और राज खुल जाने के डर में उन्होंने ऐसा कदम उठाया, जिसकी कल्पना भी रोंगटे खड़े कर दे।
गला घोंटकर हत्या, फिर तालाब किनारे फेंका शव
पुलिस के अनुसार, मां और उसके प्रेमी ने मिलकर आयुष का गला घोंट दिया। हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव को गांव के पास तालाब किनारे झाड़ियों में फेंक दिया गया। अगले दिन जब शव मिला, तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
जांच के दौरान पुलिस को घरवालों पर शक हुआ। कड़ाई से पूछताछ में दोनों आरोपी टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने कांड संख्या 28/2026 दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
बरहरवा के एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने बताया कि जांच में स्पष्ट हुआ है कि बच्चे ने दोनों को देख लिया था और विरोध किया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है—क्या बदनामी का डर इंसान को इतना अंधा कर सकता है कि वह अपने ही खून का गला घोंट दे?
साहिबगंज की इस वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गांव में मातम और गुस्से का माहौल है… और हर किसी के मन में एक ही सवाल—क्या अब रिश्तों पर भरोसा किया जा सकता है?

