छत्तीसगढ़

17 सितंबर से बदल जाएगा प्रदेश का माहौल! गांव-गांव से स्कूल-कॉलेज तक होंगे बड़े कार्यक्रम, जानिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ में क्या-क्या होगा

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा एक महीने का अभियान; रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जांच से लेकर ‘सेवा सेतु’ शिविर और ‘आंगन का उत्सव’ तक होंगे आयोजन

 

रायपुर, 15 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ में भी इस अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी है। अभियान के दौरान प्रदेशभर में जनसेवा, जागरूकता, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।

इस अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ विकसित भारत 2047 का सामूहिक संकल्प, केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाना और अधिक से अधिक लोगों को जनसेवा की गतिविधियों से जोड़ना है।

17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है, जबकि 7 अक्टूबर को उनके सार्वजनिक पद पर 25 वर्ष पूरे होने का अवसर है। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को बड़े कार्यक्रम के साथ किए जाने की योजना है।

अभियान के तहत नागरिकों को 25 अलग-अलग सेवा गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य परीक्षण, जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

25 मिनट श्रमदान की अपील

अभियान के तहत नागरिकों से कम से कम 25 मिनट श्रमदान करने की अपील की गई है। श्रमदान की फोटो या वीडियो ‘माई भारत’ पोर्टल पर अपलोड करने पर डिजिटल प्रमाण-पत्र दिए जाने की जानकारी दी गई है।

इन गतिविधियों में सरकारी विभागों के साथ सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

रायपुर से लेकर बस्तर तक होंगे विशेष कार्यक्रम

17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ और ‘नमो सेवा गाथा’ जैसे विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। संभागीय मुख्यालय रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर के ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

‘नमो सेवा गाथा’ के तहत स्थानीय कलाकारों के माध्यम से नुक्कड़ नाटक और नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। इनमें पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में हुए बदलावों को सरल और भावनात्मक अंदाज में लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

स्कूल-कॉलेजों में होंगी चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं

17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सरकारी और निजी स्कूलों एवं कॉलेजों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिताओं का विषय विकसित भारत 2047 और सेवा कार्यों से जुड़ा होगा।

इसके अलावा रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, प्रदर्शनियां, सेमिनार और सरकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

‘सेवा सेतु’ शिविर में एक जगह मिलेगी कई योजनाओं की जानकारी

अभियान के तहत ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’ बहुउद्देशीय शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने में सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

इसके अलावा ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ जैसी अभिनव गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

‘आंगन का उत्सव’ में महिलाओं और बच्चों पर फोकस

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ मनाया जाएगा। इसमें पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण और महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उनके सम्मान के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर रहेगा।

‘कहानी बदलाव की’ बताएगी योजनाओं से बदली जिंदगी

अभियान में ‘कहानी बदलाव की’ नाम से एक खास पहल भी होगी। इसके तहत सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपनी जिंदगी में बदलाव लाने वाले हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियां सामने लाई जाएंगी।

इन कहानियों के जरिए यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का आम लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ा और किस तरह लोग आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।

50 बदलाव वाले स्थानों का होगा दौरा

‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत करीब 50 ऐसे स्थानों का चयन किए जाने की योजना है, जिन्हें आयोजक मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए बदलाव के उदाहरण के तौर पर देखते हैं। इनमें गुजरात और बस्तर सहित विभिन्न स्थान शामिल होंगे।

सोशल मीडिया क्रिएटर्स को भी इन स्थानों का दौरा कराने की योजना बताई गई है, ताकि वहां हुए बदलावों और विकास कार्यों की जानकारी ज्यादा लोगों तक पहुंचाई जा सके।

17 अक्टूबर को होगा बड़ा समापन

एक महीने तक चलने वाले अभियान का अंतिम दिन भी खास होगा। 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ’ आयोजित करने की योजना है, जिसमें पंचायत से संसद तक के करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने का प्रस्ताव है।

इस दौरान सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ की सभी छह कड़ियां गाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

कुल मिलाकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए छत्तीसगढ़ में जनसेवा, सरकारी योजनाओं की जानकारी, सामाजिक सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प को लेकर गांव से लेकर शहर तक बड़े पैमाने पर गतिविधियां आयोजित करने की तैयारी है।

 

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