छत्तीसगढ़

इतिहास का गवाह बनने जा रहा सोमनाथ! 11 तीर्थों के जल से होगा दिव्य कुंभाभिषेक, पीएम मोदी रहेंगे साक्षी

सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने पर ‘अमृत पर्व’ का भव्य आयोजन, 90 मीटर ऊंचे शिखर पर पहली बार विशेष अनुष्ठान, देशभर में बढ़ी आस्था की लहर

सोमनाथ (गुजरात)। भारत की आस्था और इतिहास के सबसे पवित्र स्थलों में से एक Somnath Temple आज एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बनने जा रहा है। मंदिर के पुनर्निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर ‘सोमनाथ अमृत पर्व’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 11 तीर्थों के पवित्र जल से विशेष कुंभाभिषेक किया जाएगा।

इस दिव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और 90 मीटर ऊंचे मंदिर शिखर पर होने वाले इस अनोखे अनुष्ठान के साक्षी बनेंगे। यह पहला अवसर होगा जब सोमनाथ मंदिर के शिखर पर इस प्रकार का कुंभाभिषेक संपन्न किया जाएगा।

मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है और देशभर से श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। आयोजन को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

कुंभाभिषेक को हिंदू परंपरा का अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली अनुष्ठान माना जाता है, जिसमें मंदिर के शिखर, कलश और गर्भगृह में स्थापित देव प्रतिमाओं पर मंत्रोच्चार के साथ पवित्र जल और औषधियों से अभिषेक किया जाता है। यह प्रक्रिया मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा को पुनः जागृत करने का प्रतीक मानी जाती है।

दक्षिण भारत में यह परंपरा प्रचलित रही है, लेकिन Somnath Temple में शिखर पर इसका आयोजन इसे ऐतिहासिक और दुर्लभ बना रहा है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रदेव (सोम) ने यहां भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद इस स्थान को सोमनाथ के नाम से जाना गया और यह 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम माना जाता है।

इतिहास में यह भी दर्ज है कि 11 मई 1951 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में भाग लिया था। उसी ऐतिहासिक दिन के 75 वर्ष पूरे होने पर आज यह अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी गुजरात दौरे के तहत जामनगर पहुंच चुके हैं और आगे गिर सोमनाथ एवं वडोदरा में भी कई धार्मिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इस पूरे आयोजन को आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के पुनर्जागरण के रूप में देखा जा रहा है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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