मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक अनोखा मामला: मैं जिंदा हूं साहब… लापरवाह सिस्टम ने महिला को कागजों में किया मृत घोषित, अब जिंदा होने का सबूत लेकर दर-दर भटक रही गर्भवती महिला
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक अनोखा मामला
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसे देख, सुनकर हर कोई हैरान है। जिले के उनारसी कला ग्राम की महिला सुशीला बाई को कागजों में पंचायत सचिव ने मृत घोषित कर दिया है। इस महिला को सरकार के नकारा सिस्टम के कारण सीएम शिवराज की महत्वाकांक्षी योजना लाडली बहना के लाभ से भी वंचित रहना पड़ा।
27 साल की सुशीला कुशवाह जीवित तो है, मगर उसे कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, और उस महिला को अपने जिंदा होने का सबूत लेकर दर-दर भटकना पड़ रहा है, मगर उसे कागजों में जिंदा करने वाला शायद कोई नहीं है। कागजों में मृत महिला सुशील ने जानकारी देते हुए बताया कि उसे ग्राम पंचायत के समग्र आईडी में मृत घोषित कर दिया गया है।
वहीं महिला के पति ने भी सचिव आसिफ़ खान पर महिला को कागजों में मृत घोषित करने का आरोप लगाया है। महिला के द्वारा संबंधित अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उसका कोई हल नहीं निकला है। वहीं इस मामले में एसडीएम निकिता तिवारी ने हैरानी जताते हुए सचिव के खिलाफ एक्शन के साथ ही तीन दिन में जांच का भरोसा दिया है। अब देखने को वाली बात ये होगी कि इस महिला को न्याय कब मिलता है।



