देश

Budget 2024: 48 लाख करोड़ का बजट केंद्र सरकार पर ही पड़ा भारी! जानें अब कहां से मिलेंगे 16 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज

नई दिल्ली। देश में 7वां बजट पेश होने के बाद जनता से लेकर सियासत तक घमासान मच गया है। बता दें कि यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट था। बजट में केंद्र ने बताया है कि वो कहां से कितना पैसे कमाएंगी और कहां खर्च करेंगी। दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2024-25 के बजट में कुल 48.21 लाख करोड़ रुपए के व्यय का अनुमान लगाया है और राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.9 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है।

सरकार का अनुमान है कि एक साल में वो जो 48.20 लाख करोड़ रुपए खर्च करेगी, उसके लिए 31.29 लाख करोड़ तो टैक्स से आ जाएंगे। लेकिन बाकी का खर्च चलाने के लिए सरकार उधार लेगी। 2024-25 में सरकार 16.13 लाख करोड़ रुपए उधार लेगी। सरकार के खर्च का एक बड़ा हिस्सा उधारी पर लगे ब्याज को चुकाने में ही चला जाता है।

वित्त मंत्री ने इन अहम बातों पर दिया जोर

सरकार की वित्तीय स्थिति को और मजबूत बनाने की राह पर आगे और प्रगति का विश्वास जताते हुये वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.5 प्रतिशत तक रहने की संभावना है। उन्होंने कहा चालू वित्त वर्ष में सरकार दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से बाजार से सकल 14.01 लाख करोड़ रुपए का कर्ज जुटायेगी। वर्ष के दौरान जुटाया गया कर्ज शुद्ध रूप में 11.63 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।

सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि 2021 में उन्होंने राजकोष को मजबूत बनाने की जो वृहद योजना प्रस्तुत की, उससे अर्थव्यवस्था की बहुत अच्छी सेवा हुई है, और सरकार अगले वर्ष घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य रखेगी। बुनियादी आर्थिक, सामाजिक और अनुसंधान एवं विकास ढांचे को बढ़ाने की योजनाओं के साथ बजट में 11 लाख 11,111 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है जो जीडीपी के 3.4 प्रतिशत के बराबर है। पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमानों के अनुसार 2023-24 में पूंजीगत व्यय 9.49 लाख करोड़ रुपए था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button