इमरान खान और अन्य पर जिन्ना हाउस से 15 करोड़ रुपये मूल्य का कीमती सामान लूटने का भी आरोप लगाया गया है. बुधवार को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, हमले में दो लोगों की मौत हो गयी. इसमें कहा गया है कि पीटीआई के 1,500 कार्यकर्ताओं और नेताओं ने खान तथा पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के इशारे पर सेना अधिकारी के आवास पर हमला किया. पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा मंगलवार को इस्लामाबाद में भ्रष्टाचार के एक मामले में खान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों ने देश के विभिन्न हिस्सों में वरिष्ठ अधिकारियों के आवास और पाकिस्तानी सेना के प्रतिष्ठानों पर हमला किया. पीटीआई समर्थकों ने खान की गिरफ्तारी के लिए सेना को जिम्मेदार ठहराया है.
पंजाब पुलिस ने पुलिस अधिकारियों को चोटिल करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा उसे लूटने, पाकिस्तानी सेना के खिलाफ ‘‘अत्यधिक आपत्तिजनक’’ नारे लगाने के लिए पीटीआई नेतृत्व तथा उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ अलग से भी कई प्राथमिकियां दर्ज की हैं. प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को गुलबर्ग इलाके में असकारी टावर को फूंक दिया था. यह टावर पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) कमर जावेद बाजवा के बेटे का बताया जाता है. पुलिस ने इस टावर को आग लगाने तथा लूटने के दौरान एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में पीटीआई के 1,200 कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया है. उन्होंने इस मामले में यह कहते हुए खान को भी नामजद किया है कि इस हमले में उनका हाथ था.
प्रदर्शनकारियों ने लाहौर में शादमान पुलिस थाने को भी फूंक दिया. पुलिस तथा रेंजर्स ने लाहौर में गवर्नर हाउस तथा मुख्यमंत्री सचिवालय में घुसने का उनका प्रयास नाकाम कर दिया था. इस बीच, पुलिस ने रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना के जनरल हेडक्वार्टर्स (जीएचक्यू) पर हमला करने वाले खान के 76 समर्थकों को गिरफ्तार करने का दावा किया. पीटीआई के मुख्य क्षेत्रीय नेता बशर्रत रजा समेत 300 लोगों के खिलाफ भी एक प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पंजाब पुलिस के अनुसार, हिंसा के मद्देनजर पूरे प्रांत में 1,400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है.