छत्तीसगढ़

“सराफा बाजार पर मंडरा रहा खतरा?” देर रात हुई गुप्त बैठक में पुलिस ने खोले चौंकाने वाले सुरक्षा राज

सीसीटीवी बंद, बिना बिल के जेवर और बदलते रास्तों की हिदायत… क्या किसी बड़ी वारदात की आशंका से पहले अलर्ट हुई पुलिस?

रायगढ़। शहर के सराफा बाजार को लेकर पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। कहीं कोई साजिश तो नहीं? संभावित अपराध की आशंका के बीच आज पुलिस कंट्रोल रूम में सराफा व्यापारियों की एक अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें सुरक्षा से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस बैठक की कमान एडिशनल एसपी अनिल सोनी ने संभाली। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रायगढ़ पुलिस अब सिर्फ वारदात के बाद कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि अपराध की संभावना को जड़ से खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही है।

📹 कैमरे लगे, लेकिन रिकॉर्डिंग बंद!

बैठक में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि शहर की कई सराफा दुकानों में सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनका डेटा रिकॉर्ड ही नहीं हो रहा। एडिशनल एसपी ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए सभी दुकानदारों को अंदर और बाहर उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाकर नियमित रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क नंबर दुकान में स्पष्ट रूप से चस्पा करने को कहा गया। चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों से शालीनता से चेहरा दिखाने का अनुरोध करने और सभी कर्मचारियों का अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन कराने की भी हिदायत दी गई।

🚨 बिना बिल के जेवर बेचने वालों पर नजर

पुलिस ने स्पष्ट किया कि बिना बिल के जेवर बेचने आने वाले या संदिग्ध गतिविधि करने वाले किसी भी व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। “सूचना ही सबसे बड़ा हथियार है,” यह कहते हुए एडिशनल एसपी ने व्यापारियों से सतर्कता बरतने की अपील की।

🔥 आग से लेकर लूट तक… हर खतरे पर फोकस

दुकानों में अग्निशमन उपकरण रखने, कर्मचारियों को उसका प्रशिक्षण देने और फायर ब्रिगेड का नंबर उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए। सराफा क्षेत्र में आपसी समन्वय से निजी सुरक्षा गार्ड तैनात करने का सुझाव भी सामने आया।

🛣️ एक ही रास्ता, एक ही समय… बन सकता है खतरा

बैठक में एक अहम चेतावनी भी दी गई—जो व्यापारी अपने जेवर घर से लाते-ले जाते हैं, वे रोज एक ही समय और एक ही मार्ग का उपयोग न करें। पुलिस ने संकेत दिया कि ऐसी आदतें अपराधियों के लिए आसान निशाना बन सकती हैं।

👤 पूर्व कर्मचारियों की भी होगी जांच

कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल ने सलाह दी कि प्रतिष्ठान में काम कर चुके पूर्व कर्मचारियों की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका बैकग्राउंड सत्यापन किया जा सके।

🎥 शहर के कैमरों का सर्वे, तेज रफ्तार बाइकर्स पर शिकंजा

बैठक में व्यापारियों ने चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के सुधार और तेज रफ्तार बाइक चालकों पर कार्रवाई की मांग की। एडिशनल एसपी ने बताया कि शहर के कैमरों का सर्वे कराया जा रहा है और निजी कंपनी के माध्यम से उन्हें सुधारने की प्रक्रिया जारी है। संदिग्ध और तेज रफ्तार वाहन चालकों पर लगातार कार्रवाई भी की जा रही है।

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