छत्तीसगढ़

युद्ध की आग अब रसोई तक! Chhattisgarh में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद, होटल-रेस्टोरेंट पर मंडराया बंद होने का खतरा

Israel–Iran conflict के असर से ईंधन संकट गहराया, राजधानी Raipur समेत कई जिलों में होटल संचालक परेशान; ब्लैक में 3500 रुपये तक पहुंचा सिलेंडर।


Raipur: पश्चिम एशिया में चल रहे Israel–Iran conflict का असर अब भारत के राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। इसका ताजा असर Chhattisgarh में देखने को मिल रहा है, जहां कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद कर दी गई है।

इस फैसले से सबसे ज्यादा परेशानी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को हो रही है। कई जगहों पर गैस का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है और अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है।

होटल और रेस्टोरेंट संचालक परेशान

राजधानी Raipur में RJ21 नाम से राजस्थानी रेस्टोरेंट की चेन चलाने वाले Surjaram Upadhyay ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई अचानक बंद होने से रेस्टोरेंट का काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

उन्होंने बताया कि उनके रेस्टोरेंट की खास डिश Dal Baati Churma गैस की ज्यादा खपत के कारण फिलहाल बनाना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से ग्राहकों की संख्या भी कम हो गई है और रेस्टोरेंट लगभग खाली पड़ गए हैं।

सुरजाराम के मुताबिक फिलहाल जो गैस का स्टॉक बचा है उसी से काम चलाया जा रहा है। बाजार में कुछ जगहों पर कमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 3000 से 3500 रुपये तक मिल रहा है, लेकिन यह कब तक उपलब्ध रहेगा इसकी कोई गारंटी नहीं है।

स्टॉक खत्म हुआ तो बंद होंगे रेस्टोरेंट

होटल संचालकों का कहना है कि अगर जल्द सप्लाई शुरू नहीं हुई तो मजबूरी में रेस्टोरेंट बंद करने पड़ सकते हैं। इसका असर उन कर्मचारियों पर भी पड़ेगा जो इन होटलों में काम करते हैं और जिनकी रोजी-रोटी इसी पर निर्भर है।

दूर-दराज जिलों में भी वही हाल

सिर्फ Raipur ही नहीं, बल्कि Rajnandgaon समेत कई जिलों में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। होटल व्यवसायी Devendra Kumar Gupta का कहना है कि पहले तक युद्ध का असर महसूस नहीं हो रहा था, लेकिन अब कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से कारोबार प्रभावित होने लगा है।

उन्होंने मांग की है कि सरकार होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए कोटा सिस्टम के तहत गैस उपलब्ध कराए या फिर कोयला और मिट्टी के तेल जैसे वैकल्पिक उपायों की अनुमति दे।

घरेलू सिलेंडर पर फिलहाल राहत

फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को करीब 25 दिनों के अंतराल में एलपीजी सिलेंडर मिल रहे हैं। हालांकि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से बाजार में घबराहट का माहौल बन गया है।

कुल मिलाकर पश्चिम एशिया के तनाव से पैदा हुआ ईंधन संकट अब छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर भी असर डालने लगा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस समस्या का समाधान कब तक निकालती है।

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