छत्तीसगढ़

सिंधी संस्कृति को नई पहचान देने की तैयारी! अकादमी अध्यक्ष सुषमा जेठानी ने मंत्री राजेश अग्रवाल से की अहम मुलाकात

युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सिंधी संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण पहल की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सिंधी अकादमी की नवनियुक्त अध्यक्ष सुषमा जेठानी ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान समाज की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और अकादमी की भावी योजनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

शनिवार को रायपुर स्थित मंत्री के शासकीय निवास पर हुई इस मुलाकात में सिंधी समाज की समृद्ध परंपराओं, भाषा, साहित्य, लोककला और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने सिंधी समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज ने अपनी मेहनत, उद्यमशीलता और सांस्कृतिक मूल्यों के बल पर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि समाज की गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में सिंधी अकादमी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुषमा जेठानी के नेतृत्व में अकादमी नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगी और समाज की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूत बनाने में सफल होगी। साथ ही विभिन्न रचनात्मक, साहित्यिक और जनहितकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज के उत्थान में उल्लेखनीय योगदान देगी।

बैठक के दौरान सिंधी समाज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों, युवाओं को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने, साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुषमा जेठानी को अकादमी अध्यक्ष का दायित्व संभालने पर बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में सिंधी अकादमी प्रदेश में संस्कृति संरक्षण और समाज के विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगी।

यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सिंधी समाज की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने और युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।

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