छत्तीसगढ़

जशपुर में 2.68 लाख लोगों तक पहुंच रही खाद्य सुरक्षा की गारंटी! हर महीने मिल रहा राशन, चना और शक्कर का लाभ

497 उचित मूल्य दुकानों से ई-पॉस मशीन के जरिए वितरण, पारदर्शी व्यवस्था से लाखों परिवारों को राहत

रायपुर। जशपुर जिले में खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ अब लाखों जरूरतमंद परिवारों तक नियमित और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाते हुए 2.68 लाख से अधिक राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। आधार आधारित ई-पॉस प्रणाली के जरिए राशन वितरण से व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ी है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के तहत जशपुर जिले में वर्तमान में 497 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं। इन दुकानों में ई-पॉस मशीनों के माध्यम से आधार सत्यापन कर पात्र हितग्राहियों को राशन वितरित किया जा रहा है। इससे खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनी है।

जिला खाद्य अधिकारी के अनुसार जिले में कुल 2 लाख 68 हजार 108 राशन कार्डधारी खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इनमें 2 लाख 51 हजार 358 बीपीएल श्रेणी तथा 16 हजार 780 एपीएल श्रेणी के हितग्राही शामिल हैं।

योजना के तहत पात्र परिवारों को राशन कार्ड की श्रेणी के अनुसार प्रतिमाह 10 किलोग्राम से लेकर 35 किलोग्राम तक चावल उपलब्ध कराया जाता है। वहीं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अंत्योदय श्रेणी के हितग्राहियों को चावल के साथ प्रति माह 2 किलोग्राम चना और 1 किलोग्राम शक्कर भी प्रदान की जा रही है।

खाद्य विभाग का कहना है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के हजारों परिवारों को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनकी खाद्य और पोषण सुरक्षा मजबूत हुई है। विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

सरकार की इस व्यवस्था से न केवल जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंच रहा है, बल्कि तकनीक आधारित वितरण प्रणाली के कारण राशन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित हो रही है। जशपुर जिले में खाद्य सुरक्षा योजनाओं का यह मॉडल ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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