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Kolhapur Clash: कोल्हापुर में विशालगढ़ किले से दरगाह हटाने को लेकर दो समुदायों के बीच भड़की हिंसा, पुलिस पर पथराव और आगजनी

Kolhapur Clash: कोल्हापुर में दरगाह से अतिक्रमण हटाने को लेकर जमकर बवाल हुआ है। विशालगढ़ किले (Vishalgad Fort) के पास स्थित दरगाह (Dargah) से अतिक्रमण हटाने को लेकर दो समुदाय़ों (हिंदू-मुस्लिम) के बीच हिंसा भड़क उठी। दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की कोशिश की गई। वहीं  पुलिस पर भी पथराव किया गया। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 21 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। वहीं पुलिस ने इस हिंसा मामले में 500 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

 

दरअसल कोल्हापुर स्थित विशालगढ़ किले में ही हजरत सैयद मलिक रेहान मीर की दरगाह है। इस किले में रहने वाली बहुतायत आबादी मुसमानों की ही है। आरोप है कि दरगाह के पास कथित तौर पर अतिक्रमण हुआ है। वहां अवैध कार्य किए जा रहे है। इन्हीं जगहों पर खुलेयाम मीट का कारोबार चल रहा है। हिंदू वादी संगठनों ने 14 जुलाई का ही दिन इसलिए निर्धारति किया क्योंकि इससे पर 14 जुलाई को ही छत्रपति संभाजी महाराज ने इसी दिन किले पर चढ़ाई की थी।

इसके बाद दक्षिणपंथी संगठन के विरोध के बाद उपद्रवियों ने पथराव किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने नेताओं समेत 500 से अधिक लोगों के खिलाफ चार मामले दर्ज किए हैं और 21 लोगों को गिरफ्तार किया है।

70 अतिक्रमणों को ढहा दिया गया
कलेक्टर अमोल येडगे ने बताया कि जिला प्रशासन ने विशालगढ़ किले में मौजूद 70 अतिक्रमणों को ढहा दिया है। राजस्व और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मौजूदगी में सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे के बीच अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था और अभियान मंगलवार को भी जारी रहेगा।

विपक्ष ने सरकार को घेरा
इस बीच विपक्ष ने शिवसेना के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर निशाना साधा है। राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि मराठा सम्राट संभाजीराजे छत्रपति पर भी किले की ओर मार्च का नेतृत्व करने के लिए मामला दर्ज किया गया थ। मैंने दो बार विशालगढ़ किले का दौरा किया था और अतिक्रमण देखा था। संभाजीराजे ने राज्य सरकार से केवल अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने पूर्व राज्यसभा सदस्य और कोल्हापुर राजघराने के उत्तराधिकारी संभाजीराजे छत्रपति की किले तक मार्च का नेतृत्व करने के लिए आलोचना की।

 

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