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Maha Victory: महाराष्ट्र की फिर DGP बनीं IPS रश्मि शुक्ला, महायुति सरकार ने किया बहाल

Maharashtra Election Results: महाराष्ट्र सरकार ने विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी रश्मि शुक्ला को फिर से पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर बहाल कर दिया है।

राज्य के गृह विभाग की ओर से सोमवार (26 नवंबर) शाम जारी आदेश में यह जानकारी दी गई। विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शुक्ला को डीजीपी पद से हटा दिया गया था। उसके बाद संजय कुमार वर्मा ने राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी का पदभार संभाला था।

कांग्रेस ने शुक्ला को पद से हटाए जाने की मांग की थी। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी वर्मा को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक शीर्ष पद पर बने रहना था, जबकि शुक्ला को इसी अवधि के लिए अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया था। गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान लागू की गई आदर्श आचार संहिता चुनावी प्रक्रिया पूरी होने और परिणामों की घोषणा के साथ ही सोमवार को समाप्त हो गई इसलिए सरकार ने शुक्ला की अनिवार्य छुट्टी की अवधि समाप्त कर दी है और उन्हें डीजीपी के रूप में अपना कार्यभार संभालने को कहा गया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले ‘महायुति’ गठबंधन ने विधानसभा चुनावों में भारी बहुमत के साथ सत्ता बरकरार रखी। हालिया महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी का 132 सीटें जीतना 100 सीटों का आंकड़ा पार करने की ‘हैट्रिक’ है। भगवा पार्टी ने 2014 के विधानसभा चुनावों में 122 सीटें और 2019 के चुनावों में 105 सीटें जीती थीं। महाराष्ट्र विधानसभा में 101 सीटों पर लड़ी कांग्रेस ने केवल 16 सीटें जीतीं और 12.42 वोट प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रही।

इस बीच, महाराष्ट्र के निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन से मंगलवार सुबह मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया। राज्यपाल ने शिंदे को नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में सेवाएं देने को कहा है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

कौन होगा महाराष्ट्र का सीएम?

महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इस संबंध में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दो दिन पहले ही सत्तारूढ़ महायुति ने विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल कर कांग्रेस की अगुवाई वाली महा विकास आघाड़ी (MVA) के सत्ता हासिल करने के सपने को चकनाचूर कर दिया था। सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन में शिवसेना के इस बात पर जोर देने के कारण विलंब हो रहा है कि एकनाथ शिंदे ही मुख्यमंत्री बने रहें।

सूत्रों ने बताया कि 20 नवंबर को हुए चुनाव के नतीजे शनिवार को आने के बाद ऐसी चर्चा थी कि नए मुख्यमंत्री को सोमवार तक शपथ दिलाई जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सत्तारूढ़ ‘महायुति’ इस बात पर आम सहमति नहीं बना पाई कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।

एकनाथ शिंदे को सीएम बनाने की मांग

शिवसेना प्रवक्ता नरेश म्हस्के ने ‘बिहार मॉडल’ का हवाला देते हुए कहा कि एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में बने रहना चाहिए, जहां सत्तारूढ़ ‘महायुति’ ने विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। हालांकि, BJP नेता प्रवीण दरेकर ने मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस की वकालत करते हुए कहा कि वह राज्य का नेतृत्व करने के लिए सबसे सक्षम उम्मीदवार हैं।

एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना, BJP और अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP के ‘महायुति’ गठबंधन ने हाल में समाप्त महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 288 में से 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी, जबकि विपक्षी महाविकास आघाड़ी (MVA) को सिर्फ 46 सीटें मिलीं।

बीजेपी द्वारा सबसे अधिक 132 सीट जीतने के बाद फडणवीस के मुख्यमंत्री पद का दावेदार होने की अटकलें लगने लगीं। शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 57 सीट पर जीत हासिल की। अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP ने 41 सीट पर जीत दर्ज की है। फडणवीस के तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की चर्चा के बीच शिवसेना के विभिन्न नेताओं ने बयान दिया कि शिंदे को पद पर बने रहना चाहिए।

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