बैडमिंटन कोर्ट से दिल्ली यूनिवर्सिटी तक… रायगढ़ के आमान खान ने रचा इतिहास, देश के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में मिला दाखिला
राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने 12वीं में 98.6% और CUET में 99 पर्सेंटाइल हासिल कर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, अब प्रशासनिक सेवा है लक्ष्य

रायगढ़। खेल और पढ़ाई में संतुलन बनाकर सफलता की नई मिसाल पेश करने वाले रायगढ़ के राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी आमान खान ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन और CUET-UG में उत्कृष्ट स्कोर के दम पर उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में प्रवेश मिला है। इस उपलब्धि से रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ के शिक्षा और खेल जगत में खुशी की लहर है।
आमान खान, प्रसिद्ध बैडमिंटन कोच अकरम खान के पुत्र हैं। बचपन से ही उन्होंने अपने पिता को खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते देखा, जिससे उनमें बैडमिंटन के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई। कड़ी मेहनत और अनुशासन के बल पर उन्होंने कम उम्र में ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और कई प्रतियोगिताओं में रायगढ़ का नाम रोशन किया।
पढ़ाई में भी बनाया रिकॉर्ड
आमान ने दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल से इस वर्ष सीबीएसई कक्षा 12वीं की परीक्षा में 98.6 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। इसके बाद आयोजित CUET-UG परीक्षा में उन्होंने 903.46 अंक प्राप्त किए। इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में 99 पर्सेंटाइल हासिल कर उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश का रास्ता बनाया।
पहले ही चरण की काउंसलिंग में उन्हें देश के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में इतिहास (History) विषय से स्नातक के लिए प्रवेश मिल गया है।
प्रशासनिक सेवा और पुरातत्व में रुचि
आमान ने बताया कि इतिहास उनका पसंदीदा विषय है और भविष्य में वे प्रशासनिक सेवा (Civil Services) में जाने की तैयारी करेंगे। साथ ही उन्होंने पुरातत्व (Archaeology) के क्षेत्र में भी काम करने की इच्छा जताई है।
राष्ट्रीय स्तर पर चमक रहा नाम
आमान खान बैडमिंटन में अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग की कई प्रतियोगिताओं में रायगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए उन्हें 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। वर्तमान में वे राष्ट्रीय बैडमिंटन रैंकिंग में 42वें स्थान पर हैं।
आमान का मानना है कि समय का सही प्रबंधन, अनुशासन और एकाग्रता ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेल और पढ़ाई दोनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।



