एक मई मजदूर दिवस : बोरे बासी खाने की सलाह देकर डॉक्टर ने 18 हजार मरीजों का सफलता पूर्वक ईलाज,बोरे बासी ह्रदय रोग, स्किन ,डायरिया सहित एकाग्रता और वेट लॉस के लिए है कारगर चाय,काफी,शराब की लत से मिलता है छुटकारा
*⭕एक मई मजदूर दिवस : बोरे बासी खाने की सलाह देकर डॉक्टर ने 18 हजार मरीजों का सफलता पूर्वक ईलाज,बोरे बासी ह्रदय रोग, स्किन ,डायरिया सहित एकाग्रता और वेट लॉस के लिए है कारगर चाय,काफी,शराब की लत से मिलता है छुटकारा*
स्थानीय तीज-त्योहार सरकारी तौर पर मनाने की शुरुआत करने के बाद राज्य सरकार ने आहार को भी छत्तीसगढ़िया गौरव से जोड़ दिया है। शुरुआत किसानों-मजदूरों का आहार कहे जाने वाले बोरे बासी से हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूर दिवस यानी एक मई को श्रम को सम्मान देने के लिए सभी से बोरे बासी खाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, छत्तीसगढ़ मेहनतकश लोगों का प्रदेश है। इस पावन भूमि को हमारे किसानों और श्रमिक भाइयों ने अपने मेहनत के पसीने से उर्वर बनाया है। इस देश और प्रदेश को हमारे किसानों और मजदूर भाइयों ने ही अपने मजबूत कंधों पर संभाल रखा है। एक मई को हम हर साल इन्हीं मेहनतकश लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए मजदूर दिवस मनाते हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, सबको पता है कि हर छत्तीसगढ़िया के आहार में बोरे बासी का कितना महत्व है। हमारे श्रमिक भाइयों, किसान भाइयों और हर काम में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाली हमारी बहनों के पसीने की हर बूंद में बासी की महक है। मुख्यमंत्री ने कहा, जब हम कहते हैं कि “बटकी में बासी अउ चुटकी में नून’ तो यह सिंगार हमें हमारी संस्कृति से जोड़ता है।
डॉ. बघेल ने भी खूब कहा है, “गजब विटामिन भरे हुए हे छत्तीसगढ़ के बासी मा।’ मुख्यमंत्री ने कहा, युवा पीढ़ी को हमारे आहार और संस्कृति के गौरव का एहसास कराना बहुत जरूरी है।
एक मई को हम सब बोरे बासी के साथ आमा के थान और गोंदली के साथ हर घर में बोरे बासी खाएं और अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व महसूस करें।
बोरे बासी की विशेषता भी गिनाई
मुख्यमंत्री ने बोरे बासी की विशेषता भी गिनाई। उन्होंने कहा, गर्मी के दिनों में बोरे बासी शरीर को ठंडा रखता है। पाचन शक्ति बढ़ाता है। त्वचा की कोमलता और वजन संतुलित करने में भी यह रामबाण है। बोरे बासी में सारे पोषक तत्व मौजूद होते हैं।


