‘मन की बात’ में PM मोदी ने छेड़ा बड़ा मुद्दा! ‘नशामुक्त युवा’ से इनोवेशन तक… जानिए किन लोगों और प्रयासों की हुई चर्चा
137वीं कड़ी में युवाओं, महिलाओं, किसानों और स्वच्छता कार्यकर्ताओं के प्रयासों को सराहा; ‘नशामुक्त युवा- विकसित भारत’ के संकल्प पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त के आखिरी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी के जरिए देशवासियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं और देश के अलग-अलग हिस्सों में अपने छोटे-छोटे प्रयासों से बदलाव ला रहे लोगों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ ऐसा मंच है, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे इनोवेटिव आइडिया और नए प्रयासों को सामने लाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ दूसरे लोगों को भी कुछ नया करने की प्रेरणा देते हैं।
‘नशामुक्त युवा- विकसित भारत’ पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री ने ‘नशामुक्त युवा- विकसित भारत’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य नशामुक्त युवा और नशामुक्त भारत बनाना है।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं की सेहत, खुशी और उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। युवा शक्ति को देश के विकास की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए उन्होंने नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
मुंबई के कृष्णा शेषाद्री के आइडिया की सराहना
पीएम मोदी ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्री की पहल का भी जिक्र किया। कृष्णा ने इतिहास को तकनीक के जरिए आसान और रोचक बनाने के उद्देश्य से ‘भारत राज्य’ नाम की वेबसाइट तैयार की है।
इस वेबसाइट पर किसी भी वर्ष को चुनकर यह जानकारी हासिल की जा सकती है कि उस समय भारत के किस हिस्से पर किसका शासन था। प्रधानमंत्री ने युवाओं से इतिहास को समझने के लिए इस तरह के प्रयासों से जुड़ने की अपील की।
दुनिया तक पहुंचा तिरंगा, ‘सूर्यपथ तिरंगा’ का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने इस साल ‘सूर्यपथ तिरंगा’ के जरिए तिरंगे की अनोखी यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फिजी की राजधानी सुवा में सूरज की पहली किरण के साथ तिरंगा फहराया गया।
पीएम मोदी ने इसे देश के गौरव और तिरंगे के प्रति सम्मान से जोड़ते हुए इस पहल का उल्लेख किया।
PM स्वनिधि से 35 लाख महिलाओं को मिला सहारा
प्रधानमंत्री ने रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबार से जुड़ी महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में PM स्वनिधि योजना की भूमिका को भी रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़कर अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना से लाखों माताओं-बहनों को अपने पैरों पर खड़े होने और कारोबार को आगे बढ़ाने की नई ताकत मिल रही है।
अमरनाथ यात्रा में स्वच्छता की मिसाल
पीएम मोदी ने अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता को लेकर श्रद्धालुओं और स्वच्छता कर्मियों के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि 16 हजार से ज्यादा यात्रियों ने स्वच्छता का संकल्प लिया, जबकि 10 हजार से अधिक यात्रियों को ‘रिस्पॉन्सिबल यात्री’ प्रमाणपत्र दिया गया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता तभी स्थायी बदलाव ला सकती है, जब यह हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी और आदत बने।
हथकरघा दिवस से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस तक
प्रधानमंत्री ने अगस्त महीने की ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस, भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को याद किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर देश के इतिहास, परंपराओं और विरासत से जुड़ने का मौका देते हैं।
स्वच्छता को सिर्फ अभियान नहीं, आदत बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब स्वच्छता हर नागरिक की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता बनती है तो इसका असर केवल आसपास की सफाई तक सीमित नहीं रहता। इससे समाज में जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव की भावना भी मजबूत होती है।
उन्होंने आने वाले त्योहारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे त्योहार और उत्सव लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ एक साथ आने का अवसर भी देते हैं।
‘मन की बात’ के जरिए प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जनभागीदारी, नवाचार, स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण और युवाओं की सकारात्मक भूमिका को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ने का संदेश दिया।



