“केरल में चुनावी तूफान से पहले सियासी खामोशी… BJP की नई लिस्ट ने बढ़ाया डर और सस्पेंस!”
39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी, क्या इस बार बदल जाएगा केरल का सियासी खेल?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी अब तेज हो चुकी है और इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को अपने 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर सियासी माहौल में हलचल मचा दी है। इस नई सूची के सामने आते ही राज्य में चुनावी समीकरण और भी पेचीदा हो गए हैं।
भाजपा अब तक कुल 86 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। खास बात यह है कि इस बार पार्टी ने महिलाओं को भी खास तवज्जो दी है। दूसरी सूची में 6 महिला उम्मीदवारों को जगह मिली है, जिससे कुल महिला उम्मीदवारों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इससे साफ है कि भाजपा इस बार हर मोर्चे पर मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतर रही है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, केरल में मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा, जबकि नतीजों की घोषणा 4 मई को की जाएगी। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस बार सत्ता का ताज बदलेगा या फिर इतिहास खुद को दोहराएगा?
राज्य में मुख्य मुकाबला एक बार फिर CPI(M) के नेतृत्व वाले LDF और कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के बीच माना जा रहा है। हालांकि, भाजपा के नेतृत्व वाला NDA भी इस बार पूरे दमखम के साथ मैदान में उतर रहा है, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
अगर पिछले चुनावों की बात करें तो 2021 में LDF ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की थी। 140 सीटों वाली विधानसभा में CPI(M) ने 62 सीटों के साथ अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 21 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। अन्य सहयोगी दलों ने भी अपनी-अपनी भूमिका निभाई, लेकिन भाजपा और उसके सहयोगी दल खाता तक नहीं खोल पाए थे।
अब 2026 में हालात बदलते नजर आ रहे हैं। उम्मीदवारों की नई सूची ने जहां विरोधियों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं आम जनता के बीच भी यह सवाल गूंज रहा है—क्या इस बार केरल की राजनीति में कोई बड़ा उलटफेर होने वाला है?


