Raipur News: पुलिस की सख्ती और कार्रवाई से अपराध में आई कमी, तीन साल के आंकड़े किए जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पुलिस की लागतार कार्रवाई और सख्ती से अपराध में कमी आई है। तीन वर्ष की बात करें तो कई मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए केस को हल भी कर लिया है। तीन साल के आंकड़े पुलिस ने जारी किए हैं। चाकूबाजी के सबसे ज्यादा प्रकरण राजधानी में होते हैं। 2023 में पांच महीने में केवल 37 प्रकरण दर्ज किए हैं। वहीं हत्या के मामले में तीन वर्ष की तुलना में चार प्रतिशत की कमी आई है। वहीं चाकूबाजी में 56 प्रतिशत की कमी आई है। पांच महीने में पुलिस ने सबसे ज्यादा आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की। जिसके चलते शहर में अपराध पर कमी आई है।
वर्षवार आंकड़े : जनवरी से मई तक
वर्ष 2021 के माह जनवरी से माह मई तक:
हत्या के 25 प्रकरण
– चाकूबाजी के 84 प्रकरण
– नारकोटिक्स एक्ट के 56 प्रकरणों में 82 आरोपित
– आर्म्स एक्ट के 95 प्रकरण में 103 आरोपित
– सट्टा के 229 प्रकरणों में 242 आरोपित
वर्ष 2022 में जनवरी से माह मई तक:
– हत्या के 28 प्रकरण
– चाकूबाजी के 85 प्रकरण
– नारकोटिक्स एक्ट के 66 प्रकरणों में 107 आरोपित
– आर्म्स एक्ट के 317 प्रकरण में 323 आरोपित
– सट्टा के 143 प्रकरणों में 163 आरोपिपित
इस वर्ष 2023 के माह जनवरी से माह मई तक:–
हत्या के 27 प्रकरण- चाकूबाजी के 37 प्रकरण
– नारकोटिक्स एक्ट के 80 प्रकरणों में 117 आरोपित
– आर्म्स एक्ट के 375 प्रकरण में 379 आरोपित
– सट्टा के 283 प्रकरणों में 306 आरोपित
2022 जनवरी से मई की तुलना :– 2022 के माह जनवरी से माह मई की तुलना में वर्ष 2023 के माह जनवरी से माह मई तक में हत्या के प्रकरणों में 4 प्रतिशत की कमी होने के साथ-साथ चाकूबाजी के प्रकरणों में भी 56 प्रतिशत की कमी आई है। इसी प्रकार वर्ष 2023 में सट्टा संचालन करने वालों के विरूद्ध 49 प्रतिशत एवं नशे का काला कारोबार करने वालो के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स एक्ट में 22 प्रतिशत अधिक कार्रवाई की गई है। आर्म्स एक्ट के प्रकरणों में भी 15 प्रतिशत अधिक कार्रवाई की गई।
रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल का कहना है कि पुलिस द्वारा लगातार अभियान कार्रवाई के चलते अपराध में कमी आई है। इस तरह का अभियान आगामी भी जारी रहेगा। जल्द ही निगरानी गुंडा-बदमाशों की लिस्ट जारी की जाएगी।

