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असम में बाढ़ का तांडव! 11 जिले जलमग्न, 41 मौतें… लाखों लोग फंसे, सेना ने संभाला मोर्चा

असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। 11 जिलों में 6.50 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं, जबकि राहत और बचाव के लिए सेना, वायुसेना और अन्य एजेंसियां युद्धस्तर पर अभियान चला रही हैं।

गुवाहाटी: असम में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। राज्य के 11 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जहां 6.50 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बाढ़ और इससे जुड़ी घटनाओं में अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। सेना, भारतीय वायुसेना और विभिन्न बचाव एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटी हैं।

सेना और वायुसेना ने संभाली कमान

अधिकारियों के मुताबिक, कई इलाके पूरी तरह पानी से घिरे होने के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए भोजन, दवाइयां और अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

राज्य की कई प्रमुख नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका बनी हुई है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने किया दौरा

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को गोलाघाट जिले के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। इससे पहले उन्होंने जोरहाट और शिवसागर जिलों का भी निरीक्षण किया था और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

24 घंटे में गईं 10 और जानें

ASDMA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बाढ़ संबंधी घटनाओं में 10 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही इस वर्ष असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।

इन 11 जिलों में सबसे ज्यादा असर

बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शिवसागर, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप महानगर, कार्बी आंगलोंग और नागांव शामिल हैं।

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले चार दिनों के लिए राज्य में येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने भारी बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

विधानसभा में भी गूंजा बाढ़ का मुद्दा

असम विधानसभा में भी बाढ़ का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। बाढ़ पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर लाए गए स्थगन प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई ने विरोध दर्ज कराया। हंगामे के बाद उन्हें पूरे दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया।

हालात पर बनी हुई है नजर

राज्य सरकार, सेना और राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए चिंता अभी भी बरकरार है। आने वाले कुछ दिन असम के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

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