18 साल तक सूना रहा आंगन, शक और गुस्से ने ली जान… किसान पति ने फावड़े से पत्नी को उतारा मौत के घाट
संतान न होने का दर्द बना खूनी वजह, चरित्र संदेह ने तोड़ा रिश्ते का आखिरी धागा

18 साल तक सूना रहा आंगन, शक और गुस्से ने ली जान… किसान पति ने फावड़े से पत्नी को उतारा मौत के घाट
संतान न होने का दर्द बना खूनी वजह, चरित्र संदेह ने तोड़ा रिश्ते का आखिरी धागा
कोरबा।
जिस रिश्ते को उम्र भर का साथ कहा जाता है, वही रिश्ता जब शक और गुस्से में बदल जाए, तो अंजाम कितना भयावह हो सकता है—इसकी रूह कंपा देने वाली तस्वीर कोरबा जिले से सामने आई है। 18 साल तक संतान न होने के विवाद में एक किसान पति ने अपनी ही पत्नी की फावड़े से बेरहमी से हत्या कर दी।
यह सनसनीखेज मामला कटघोरा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने सोमवार को आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
18 साल की शादी, लेकिन नहीं मिली संतान
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ढेलवाडीह गायत्री बस्ती निवासी तुलसी यादव (37) की शादी करीब 18 साल पहले रंजना यादव (35) से हुई थी। इतने लंबे वैवाहिक जीवन के बावजूद दंपती को संतान सुख नहीं मिला। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था।
बताया जा रहा है कि संतान न होने के साथ-साथ आरोपी पति पत्नी के चरित्र पर भी शक करता था, जिससे रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ था।
मेले से लौटे, फिर शुरू हुआ झगड़ा
हाल ही में रंजना यादव अपने मायके ढेलवाडीह मेला देखने गई थी। पति तुलसी यादव भी मेले में पहुंचा था। वहां से लौटने के बाद रविवार शाम को दंपती के बीच पुरानी बातों को लेकर फिर झगड़ा शुरू हो गया।
गुस्से में आकर तुलसी यादव ने घर में रखा फावड़ा उठाया और पत्नी के सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में रंजना गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ी।
खून से लथपथ छोड़कर भागा आरोपी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि रंजना खून से लथपथ पड़ी थी। आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में खुली दर्दनाक कहानी
घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस का कहना है कि—
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संतान न होना
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पत्नी के चरित्र पर संदेह
दोनों ही इस खौफनाक वारदात की मुख्य वजह बने।
आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने आसपास के इलाकों में दबिश दी और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एक सवाल जो रह गया…
क्या समाज में आज भी संतान न होना किसी महिला की गलती मान ली जाती है?
क्या शक और गुस्से का इलाज हिंसा बनता जा रहा है?
इस वारदात ने रिश्तों, सोच और संवेदनाओं पर एक बार फिर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

