छत्तीसगढ़

विधानसभा मानसून सत्र : विपक्ष ने शून्यकाल में सवालों पर जानकारी नहीं मिलने पर उठाया सवाल, कहा- यह सदन का अपमान, इससे शर्मनाक बात कुछ और नहीं…

रायपुर। विधानसभा में शून्यकाल के दौरान विपक्ष ने व्यवस्था पर सवाल उठाया. सदस्यों ने कहा कि अधिकांश सवालों पर जानकारी एकत्रित की जा रही है, बताया जा रहा है. यदि जवाब ना दिया गया तो यह सदन का अपमान है. समय पर उत्तर नहीं आता तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात दूसरी नहीं हो सकती.

बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि अधिकांश सवालों में जानकारी एकत्र की जा रही है, यह बताया गया है, जबकि 21 दिन पहले सवाल लगाये गये थे. संशोधन कर आख़िरी दिन तक उत्तर दिला लें. लोक महत्व के प्रश्न लगाये जाते हैं. यदि जवाब ना दिया गया तो यह सदन का अपमान है. बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यदि उत्तर समय पर नहीं आता तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात दूसरी नहीं हो सकती.

धरमलाल कौशिक ने कहा कि पहले सत्र में जवाब नहीं आया तब इस सत्र में सवाल दोबारा लगाये गये फिर भी जवाब नहीं आया. आसंदी तारीख़ घोषित करे कि जवाब कब दिया जाएगा. नहीं देने पर यह विधानसभा की अवमानना है. शिवरतन शर्मा ने कहा कि चार प्रश्न एक ही श्रेणी के हैं. लगातार सत्रों में यह सवाल उठाया जाता रहा है, लेकिन चार सालों में अब तक जवाब नहीं आया.

विधायक धर्मजीत सिंह ने अरपा नदी में तीन बच्चियों की डूबने से हुई मौत का मामला उठाते हुए कहा कि बीस फ़ीट की गहराई में बच्चियों की डूबने से मौत हो गई. अरपा नदी को नोच कर नंगा कर दिया गया है. रेत तस्करों को संरक्षण देने वाले सदन के भीतर भी हैं, और बाहर भी. रेत माफियाओं को सत्तारूढ़ दल का संरक्षण है. नदी में डूबकर मरने वाली बच्चियों को सरकार मुआवजा दे. रेत तस्करों को जेल भेजना चाहिए.

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