देश

कोलकाता रेप कांड पर ममता सरकार-सीबीआई में संग्राम: सरकार ने कहा- CCTV की पूरी रिकॉर्डिंग दी गई, CBI बोली- 27 मिनट के ही मिले, SC ने जांच पर उठाए कई सवाल, पढ़ें कोर्ट में क्या-क्या हुआ- Kolkata Doctor Rape-Murder Case

SC hearing On Kolkata Doctor Rape-Murder Case: कोलकाता के RG Kar मेडिकल अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। पश्चिम बंगाल सरकार ने अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के मामले में कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। वहीं, सीबीआई ने मामले में अभी तक की जांच को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। कोर्ट में ममता सरकार-सीबीआई में जमकर तकरार देखने को मिला। सुनवाई के दौरान CBI ने पूरी CCTV फुटेज नहीं मिलने की बात कही। वहीं सरकार के वकील ने दावा किया कि पूरी रिकॉर्डिंग दे दी गई है। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने जांच पर कई सवाल उठाए। वहीं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की पूरे मामले में भूमिका पर संदेह व्यक्त किया।

कपिल सिब्बल और CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने CBI से 16 सितंबर को नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। 17 सितंबर को सुनवाई की अगली तारीख दी है।

रेप-मर्डर केस की सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की बेंच में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कपिल सिब्बल और CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता पेश हुए। सीबीआई की तरफ से पेश वकील SG तुषार मेहता ने आरोप लगाते हुए कहा पश्चिम बंगाल सरकार सीबीआई से क्या छिपाना चाहती है। हमें पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से दाखिल जवाब की कॉपी नहीं मिली है।

पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि हमने जवाब की कॉपी सिर्फ कोर्ट में जमा की है, हमने सीबीआई को अभी तक कॉपी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से जब डॉक्टर अस्पताल में काम नहीं कर रहे थे, उस वक्त 23 लोगों को ट्रीटमेंट न मिलने की वजह से उनकी मौत हो गयी है।

बंगाल सरकार सीबीआई से कुछ छिपाना चाहती हैः सीजेआई

सीबीआई की स्टेटस रिपोर्ट पढ़ते हुए सीजेआई ने एसजी से पूछा कि प्रिंसिपल का घर कॉलेज से कितनी दूर है? इस पर एसजी ने कहा कि 15-20 मिनट की दूरी पर है। सुप्रीम कोर्ट से एसजी ने कहा कि ऐसा लगता है पश्चिम बंगाल सरकार सीबीआई से कुछ छिपाना चाहती है, तभी रिपोर्ट केंद्रीय एजेंसी को नहीं दी गई। वहीं, सीजेआई ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि हमें दो पहलुओं पर स्पष्टीकरण चाहिए। सीजेआई ने सिब्बल से पूछा कहा कि हम जानना चाहते हैं कि यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) 861/2024 किस समय पंजीकृत हुआ? सिब्बल ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र दोपहर 1:47 बजे दिया गया। सीजेआई ने जीडी में दर्ज किए जाने का समय पूछा? सिब्बल ने कहा कि जीडी में दोपहर 2:55 बजे दर्ज किया गया. सिब्बल ने कहा कि सुबह साढ़े 8 बजे रात 10:45 तक तलाशी और जब्ती की गई। एक बार शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हटाया गया. इसके बाद फिर तस्वीरें ली गईं।

क्या पूरी सीसीटीवी फुटेज सीबीआई को सौंपी गई?

सीजेआई ने कहा कि यह बताने के लिए एक सीसीटीवी फुटेज है कि आरोपी किस समय अंदर आया और वहां मौजूद था, जाहिर तौर पर सुबह 4:30 बजे के बाद का फुटेज होगा। क्या सीसीटीवी फुटेज पूरी तरह से सीबीआई को सौंप दिया गया है? एसजी ने कहा कि 4 क्लिपिंग, कुल 27 मिनट की अवधि की हैं. हार्ड डिस्क में वीडियो कई भागों में दिए गए हैं, तकनीकी गड़बड़ी के चलते फुटेज एकत्रित है, लेकिन पूरी दी गई है। एसजी ने कहा कि हमारे पास फॉरेंसिक रिपोर्ट है। एक बात मानी गई है, जब लड़की 9:30 बजे मिली, तो वह अर्धनग्न हालत में थी। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। उन्होंने नमूने ले लिए हैं, सीएसएफएल को दोबारा भेजा गया है। सीबीआई ने नमूने एम्स और अन्य सीएफएसएल को भेजने का निर्णय लिया है। नमूने किसने लिए, यह प्रासंगिक हो गया है। नमूनों का परीक्षण बंगाल में सीएफएसएल में किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट का सवाल और बंगाल सरकार का जवाब

कोर्ट: रेप-मर्डर मामले की FIR कब दर्ज हुई?

बंगाल सरकार: 02:55 PM पर FIR दर्ज हुई. डेथ सर्टिफिकेट 01:47 PM पर बना.

कोर्ट: हमें अप्राकृतिक मौत के मामले में स्पष्टीकरण चाहिए

बंगाल सरकार: थाने में अप्राकृतिक मौत मामले में 02:55 PM पर डायरी दर्ज की गई और डेथ सर्टिफिकेट 1.47 PM पर बना.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में आगे की जांच के लिए सीबीआई को एक हफ्ते और वक्त दिया है.

न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी

इधर, आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में एक महीने बाद भी लेडी डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। श्यामबाजार इलाके में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। घटना के विरोध में आम लोगों ने कोलकाता में विरोध मार्च निकाला। इस दौरान मशाल जुलूस निकाल कर लोगों ने न्याय की मांग की। कोलकाता के अलावा दिल्ली चितरंजन पार्क में भी महिला डॉक्टर को जल्द न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मामले में जांच में देरी होने के विरोध में दिल्ली की सावित्री मार्केट से शेयर मार्केट तक कैंडल मार्च निकाला गया।

R.O. No. : 13910/ 226

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button