18 की होते ही खाते में 1.5 लाख! ‘रानी दुर्गावती योजना’ से बदल जाएगी बेटियों की तकदीर?
कम उम्र में शादी पर लगेगी लगाम, उच्च शिक्षा और स्वरोजगार का खुलेगा रास्ता

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बालिका सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा ऐलान करते हुए ‘रानी दुर्गावती योजना’ शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य की बेटियों को 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा की मजबूत नींव देना है।
योजना का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा गया है, जिन्हें साहस और आत्मसम्मान की प्रतीक माना जाता है। सरकार का संदेश साफ है—राज्य की बेटियां भी शिक्षा और आत्मविश्वास के दम पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
🎓 शिक्षा, कौशल और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा
‘रानी दुर्गावती योजना’ का मुख्य लक्ष्य बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देना और कम उम्र में विवाह जैसी सामाजिक चुनौतियों पर रोक लगाना है। 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर मिलने वाली 1.5 लाख रुपये की राशि का उपयोग उच्च शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण या स्वरोजगार के लिए किया जा सकेगा।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और उनका भविष्य अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
सरकार द्वारा तय पात्रता शर्तों—जैसे आय सीमा, निवास प्रमाण और शिक्षा से जुड़ी शर्तों—के आधार पर लाभ दिया जाएगा। पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया भी निर्धारित की जाएगी ताकि वास्तविक हितग्राहियों तक ही लाभ पहुंचे।
💰 महतारी वंदन के बाद बेटियों के लिए बड़ा कदम
राज्य में पहले से संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। 30 जनवरी को इसकी 24वीं किस्त जारी की गई, जिसमें 68 लाख 39 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 34 लाख रुपये DBT के माध्यम से ट्रांसफर किए गए।
यह योजना 1 मार्च 2024 से लागू है, जिसके तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की सहायता दी जाती है।
अब बड़ा सवाल यह है—क्या 18 की उम्र में मिलने वाली यह 1.5 लाख की मदद सच में बेटियों के सपनों को पंख दे पाएगी?
सरकार का दावा है कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की शुरुआत है… और आने वाले समय में इसका असर गांव से शहर तक दिख सकता है।


