छत्तीसगढ़

Elephant Rescue: झुंड से बिछड़ा 2 साल का नन्हा गजराज, जंगल में अकेला घूम रहा… अब वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती

रात में 7 हाथियों के दल से हुआ अलग, अकेला शावक बार-बार चिंघाड़कर तलाश रहा अपना परिवार; दूर से निगरानी कर रही वन विभाग की टीम

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के जंगल में इन दिनों एक नन्हा हाथी वन विभाग के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। करीब 2 साल का हाथी शावक अपने झुंड से बिछड़ गया है और अकेला जंगल में इधर-उधर घूम रहा है। सबसे बड़ी चुनौती अब उसे सुरक्षित तरीके से उसके झुंड तक पहुंचाने की है।

मामला बोरो वन परिक्षेत्र का है। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने बाजारदांड के पीछे चाल्हा के पास राजस्व जंगल में एक नन्हे हाथी को अकेले घूमते देखा। आसपास हाथियों का कोई दल नजर नहीं आने पर ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी।

7 हाथियों के दल में था शावक

सूचना मिलते ही वनकर्मी मौके पर पहुंचे और शावक की स्थिति की पुष्टि की। इसके बाद डीएफओ सत्यदेव शर्मा, बोरो रेंजर उमाशंकर पटेल समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

जांच के दौरान पता चला कि यह शावक 7 हाथियों के दल का हिस्सा था। माना जा रहा है कि रात में हाथियों का दल आगे बढ़ गया, लेकिन शावक पीछे रह गया और अपने परिवार से अलग हो गया।

झुंड से बिछड़ने के बाद से वह आसपास के जंगल में ही घूम रहा है।

केला और केले का पौधा दिया, पूरा खा गया

वन विभाग की टीम शावक की लगातार निगरानी कर रही है। डॉक्टरों की सलाह के बाद उसके खाने का इंतजाम भी किया गया।

शावक को दूर से केला और केले का पौधा दिया गया, जिसे उसने पूरा खा लिया। हालांकि, उसने पानी नहीं पिया। वनकर्मी फिलहाल उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

बार-बार चिंघाड़कर तलाश रहा अपना झुंड

वन विभाग को पता चला है कि शावक का झुंड क्रिंधा सर्किल के कुरूपानी क्षेत्र में घूम रहा है। वहीं दूसरी ओर शावक बीच-बीच में चिंघाड़ रहा है और धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।

ऐसे में वन विभाग की कोशिश है कि शावक को उसके झुंड के करीब सुरक्षित तरीके से पहुंचाया जा सके, लेकिन इस पूरे अभियान में बेहद सावधानी बरती जा रही है।

पास जाते ही दौड़ाने लगता है शावक

वन विभाग के सामने एक और चुनौती यह है कि शावक इंसानों को अपने करीब नहीं आने दे रहा। वनकर्मियों के मुताबिक, उसके पास जाने की कोशिश करने पर वह दौड़ाने लगता है।

इसी वजह से टीम उसके बिल्कुल करीब जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाकर निगरानी कर रही है। बोरो रेंज का स्टाफ, हाथी मित्र दल और उड़नदस्ता टीम शावक की गतिविधियों पर नजर रख रही है।

ग्रामीणों को किया गया अलर्ट

वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों से शावक से दूरी बनाए रखने की अपील की है। लोगों को प्रभावित क्षेत्र के जंगल में प्रवेश नहीं करने की समझाइश दी गई है।

चाल्हा समेत आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है, ताकि उत्सुकता में कोई व्यक्ति शावक के करीब जाकर उसकी या अपनी जान जोखिम में न डाले।

वन विभाग की नजर अब सिर्फ एक चीज पर…

बोरो वन परिक्षेत्राधिकारी उमाशंकर पटेल ने बताया कि शावक करीब 2 साल का है और उसके करीब जाने पर वह दौड़ाने लगता है। इसलिए वनकर्मी दूर से ही उसकी निगरानी कर रहे हैं। शावक को केला और केले का पौधा दिया गया था, जिसे उसने खा लिया है।

फिलहाल वन विभाग की पूरी कोशिश शावक को उसके झुंड से मिलाने की है। बोरो रेंज में इसके अलावा 14, 7 और 2 हाथियों के दल भी विचरण कर रहे हैं। ऐसे में शावक को सही झुंड तक सुरक्षित पहुंचाना वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि अपने परिवार से बिछड़ा यह नन्हा गजराज कब वापस अपने झुंड के बीच पहुंच पाता है।

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