देश

गाजीपुर: जान बच जाए इसलिए मां ने 5 माह की बच्ची को जलती बस से फेंका, जिंदा बचे लोगों ने सुनाई भयावह कहानी….

गाजीपुर: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से सोमवार दोपहर गाजीपुर के महाहर धाम से 400 मीटर पहले सुलेमापुर-देवकली नहर के पास बस में आग लग गई। हादसे में पांच लोग जिंदा जल गए। इनमें चार महिलाएं हैं।
शव इतना जल गए थे कि बड़ी मुश्किल से पहचान हुई।

इस हादसे में 10 लोग झुलसे हैं। इन सबकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मरने वाले में बस ड्राइवर जगन्नाथ यादव भी है। सभी मऊ के रहने वाले हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस में गैस सिलिंडर रखा था उससे गैस का रिसाव हुआ तो आग बढ़ गई। हादसे से नाराज स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया।

इसमें एसडीएम, थानाध्यक्ष सहित 12 लोग जख्मी हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने सीडीओ संतोष कुमार वैश्य और एसपी सिटी ज्ञानेंद्र की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की है।

मऊ जिले के रानीपुर के खिरिया गांव के नंदू पासवास की बेटी की शादी जिले के करीमुद्दीनपुर इलाके के तेज बहादुर पासवान के साथ तय हुई थी। महाहर धाम में ही शादी होनी थी। इसी शादी में शामिल होने के लिए लड़की पक्ष के लोग बस से आ रहे थे। बस दोपहर 1.46 बजे सुलेमापुर-देवकली नहर किनारे पहुंची थी कि हाईटेंशन लाइन में फंस गई।

आसपास के लोगों ने नहर के पानी से आग पर काबू पाया। राहत-बचाव के बीच बस में फंसे पांच शवों को बाहर निकाला गया, जबकि झुलसे लोगों को उपचार के लिए सीएचसी मरदह भेजा गया।

हादसे की सबसे मासूम कहानी

हादसे वाली बस में सुनीता अपनी पांच माह की बच्ची के साथ सवार थी। अचानक जब उस बस में आग लग गई तो बच्ची को चाने के लिए सुनीता ने उसे गेहूं के खेत में फेंक दिया था। हादसे के काफी देर बाद बच्ची वहां मौजूद लोगों को मिली। जलती बस से दूर खेत में पड़ी बच्ची को किसी ने देखा और उसे पुलिस को सौंपा।

जिंदा बचे लोगों ने रोते हुए सुनाई भयावह कहानी

महाहर धाम से 400 मीटर दूर दिन में जो हादसा हुआ उसे सुनकर हर किसी के रोंगते खड़े हो गए। बस में सवार बचे लोगों से अस्पताल में संघर्ष कर रहे हैं। इनमें कुछ से बातचीत की गई तो वे उस समय को याद कर रो पड़े और हादसे भयावह कहानी सुनाई। इनमें सुनीता ने तो अपनी पांच माह की बच्ची को जिंदा बचाने के लिए उसे गेहूं के खेत तक में फेंक दिया था।

हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतना भयानक था कि बुझाने का साहस कोई नहीं जुटा पा रहा था। बस में सवार भलया निवासी संगीता भी अपने बच्चों के साथ बस में सवार थी। वह भी गंभीर रूप से झुलस गई है। प्रत्क्षदर्शियों ने बताया कि संगीता ने बस के जलने पर अपनी पांच माह की बेटी को बाहर फेंक दी, जिसके सिर में चोट लगी है। हालांकि बच्ची पर नजर किसी की पड़ी और उसे पुलिस को सुपुर्द किया, जिसने स्थानीय ही एक व्यक्ति बच्ची को सौंप दिया, जिसे शाम पांच बजे परिवार के लोगों के पहुंचे पर सुपुर्द किया गया।

परिवार के लोग बच्ची को लेकर एक अस्पताल गए। जबकि बस में सवार कई लोग करंट के झटके से भी बाहर चले गए और बाकी लोग बस में ही झुलस गए। वहीं बस में सवार एक महिला ने बताया किसी तरह अपनी जान बचाई। बिलखते हुए उसने बताया कि बस पूरी भरी थी। उसमें बच्चे व महिलाएं भी सवार थीं। कहा कि कई लोगों की मौत हो गई है, संख्या बताना मुश्किल है।

3 निलंबित, लाइनमैन की सेवा समाप्त

बिजली निगम के तीन अधिकारियों अधिशासी अभियंता मनीष, एसडीओ संतोष चौधरी और जेई प्रदीप कुमार निलंबित कर दिए गए हैं। संविदाकर्मी लाइनमैन नरेंद्र की सेवा समाप्त कर दी गई है।

हादसे के बाद भी हुई शादी

पांच मौतों के बाद शादी वाले घर में मातम पसर गया। हालांकि सादे तरीके से शादी हुई और सिर्फ सिंदूर दान के बाद लड़की ससुराल चली गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button