छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन सदन में आत्मानंद स्कूलों के संचालन को लेकर बड़ा मुद्दा सामने आया। चर्चा के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि अगले शैक्षणिक सत्र से आत्मानंद स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षाएं संचालित नहीं की जाएंगी और इन कक्षाओं में नए एडमिशन भी बंद कर दिए जाएंगे।
राजधानी Raipur में चल रहे विधानसभा सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। इस दौरान कई विभागों के कामकाज और बजट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस ने सरकार को कई मामलों में घेरने की कोशिश की।
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष Charandas Mahant ने आत्मानंद स्कूलों में चल रही प्री-नर्सरी कक्षाओं को लेकर सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने जानना चाहा कि इन कक्षाओं का संचालन आगे भी जारी रहेगा या नहीं।
इस पर जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र से Swami Atmanand Government English Medium Schools में प्री-नर्सरी कक्षाएं नहीं चलाई जाएंगी। साथ ही इन कक्षाओं में नए छात्रों का प्रवेश भी नहीं लिया जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि डीएलएफ फंड के प्रावधानों में बदलाव होने की स्थिति में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में कार्यरत शिक्षकों पर भी असर पड़ सकता है और कुछ शिक्षकों को हटाने की नौबत आ सकती है।
सरकार के इस फैसले के बाद आत्मानंद स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों के भविष्य और प्री-प्राइमरी शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट नीति लाने की मांग की है।