छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की विस्तारित कार्यकारणी की बैठक: सैलजा और सीएम भूपेश की मौजूदगी में पारित हुआ यह प्रस्ताव, बैज ने रखा था प्रस्ताव

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस की विस्तारित कार्यकारणी की बैठक राजीव भवन में संपन्न हुआ। दीपक बैज के प्रदेश कांग्रेस कार्यभार संभालने के बाद यह विस्तारित कार्यकारणी की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी सेलजा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व अध्यक्ष एवं मंत्री मोहन मरकाम, राष्ट्रीय सचिव एवं प्रभारी डॉ. चंदन यादव, राष्ट्रीय सचिव एवं प्रभारी सत्पगिरी शंकर उल्का, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव एवं सह-प्रभारी विजय जांगिड़ मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मंत्री कवासी लखमा, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष नंद कुमार साय, खनिज निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन उपस्थित थे।

बैठक में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने रखा जिसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रभारी कुमारी सैलजा ने समर्थन दिया तथा उपस्थित पदाधिकारियों ने दोनों हाथ उठा कर निंदा प्रस्ताव का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया।

निंदा प्रस्ताव

देश का एक प्रमुख राज्य मणिपुर 80 दिनों से हिंसा की आग में झुलस रहा है। मणिपुर की जनता अपने जानमाल की सुरक्षा को लेकर भयभीत है। केंद्र की मोदी सरकार और मणिपुर की भाजपा सरकार मणिपुर की जनता को सुरक्षा देने वहां कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने में असफल साबित हो रही है। मणिपुर में 80 दिनों में 100 से अधिक लोगों की मौतें हो चुकी है। 500 से अधिक घरों में आग लगा दिया गया है। 50000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके है। महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाया जा रहा है। मणिपुर के हालात सुधारने वहां पर कानून का राज स्थापित करने में केंद्र की मोदी सरकार उदासीन बनी है। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर में संवैधानिक प्रावधानों की बहाली के लिये कोई भी ठोस प्रायोजन करते नहीं दिख रहे है। प्रधानमंत्री मणिपुर के मामले में चुप्पी साधे हुये थे। उन्होंने जब मुंह भी खोला तो मणिपुर के प्रति संवेदना कम विपक्षी दलों के सरकारों के प्रति विद्वेष ज्यादा झलक रहा था। प्रधानमंत्री ने मणिपुर की पीड़ाजनक घटना से छत्तीसगढ़ की तुलना कर राज्य के लोगों की भावनाओं को आहत करने का काम किया। यह सदन मणिपुर मामले में केंद्र सरकार के रवैये और अक्षमता की कड़ी निंदा करता है तथा प्रधानमंत्री का मणिपुर को लेकर व्यवहार भी अस्वीकार्य तथा निंदनीय है।

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