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UP-Japan Investment Meet 2026: जापान के साथ यूपी की नई डील, क्या बदलने वाला है प्रदेश का आर्थिक नक्शा?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। बुधवार को आयोजित UP-Japan Investment Meet 2026 में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक साझेदारी को नई गति देने पर मंथन हुआ। निवेश, आधुनिक तकनीक, ग्रीन हाइड्रोजन, मैन्युफैक्चरिंग और स्किल डेवलपमेंट को लेकर बड़े रोडमैप पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड के साथ विकास की नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति मिलकर औद्योगिक विकास का नया मॉडल तैयार कर सकती है।

जापानी निवेश से बदल सकती है यूपी की तस्वीर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश भारत की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान राज्य के बजट, GSDP और प्रति व्यक्ति आय में करीब तीन गुना वृद्धि हुई है।

प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSME इकाइयां, 35 हजार से ज्यादा बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहे हैं।

योगी ने जापानी कंपनियों से उत्तर प्रदेश में केवल फैक्ट्रियां स्थापित करने तक सीमित नहीं रहने की अपील की। उन्होंने कंपनियों से R&D सेंटर, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और ग्लोबल सप्लाई चेन विकसित करने का आह्वान किया।

इन सेक्टरों में निवेश की बड़ी संभावना

उत्तर प्रदेश के पास एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स जैसी मजबूत कनेक्टिविटी मौजूद है। ऐसे में राज्य में कई हाईटेक सेक्टरों में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

प्रमुख क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
  • सेमीकंडक्टर
  • डेटा सेंटर
  • इलेक्ट्रिक वाहन
  • रोबोटिक्स
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग
  • ग्रीन हाइड्रोजन

सरकार का फोकस इन क्षेत्रों में निवेश के साथ-साथ रोजगार और तकनीकी कौशल के अवसर बढ़ाने पर भी है।

शिवराज सिंह चौहान ने छोटे किसानों पर दिया जोर

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और जापान के रिश्तों को केवल व्यापार तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध दो संस्कृतियों और साझा मूल्यों से भी जुड़े हैं।

उन्होंने स्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन के निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी किफायती और आसानी से उपलब्ध हो।

उन्होंने जापानी कंपनियों से ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने की अपील की।

अश्विनी वैष्णव ने गिनाए विकास के चार स्तंभ

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत की आर्थिक प्रगति को चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित बताया—इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश, समावेशी विकास, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन।

उन्होंने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ी है और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी देश नई क्षमताएं विकसित कर रहा है।

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर यूपी

UP-Japan Investment Meet 2026 को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विस्तार की रणनीति में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जापानी तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता के साथ प्रदेश की विशाल युवा आबादी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का मेल आने वाले समय में निवेश, रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग के नए अवसर पैदा कर सकता है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि इस साझेदारी के जरिए उत्तर प्रदेश में कितने नए निवेश जमीन पर उतरते हैं और वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करने में जापान की यह साझेदारी कितनी बड़ी भूमिका निभाती है।

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