क्राइमछत्तीसगढ़

दुर्ग: ‘पैसे दो, नहीं तो डेडबॉडी घर भेजूंगा’: फिरौती, अपहरण और हत्या मामले का खुलासा, पत्नी को आया कातिलों का धमकी भरा फोन, जानिए फिर कैसे खुला खूनी खेल का राज…

दुर्ग. जिले में बीते दिनों थाना पुरानी भिलाई में घटित फिरौती के लिए अपहरण के बाद हत्या के सनसनीखेज मामले के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पहले ही एनडीपीएस के तहत और लूट जैसे मामलों में जेल में सजा काट चुके हैं.

पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, मृतक की पत्नी विमला साहू ने थाना पुरानी भिलाई में उपस्थित होकर पति के गुमशुदगी और अज्ञात होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें अज्ञात व्यक्ति के द्वारा कहा गया कि तुम्हारे पति ने मुझे सट्टे का 30 लाख रुपये चूना लगाया है. मैं दो दिन का समय दे रहा हूं, मेरे सट्टे का 30 लाख रुपये मुझे दे दो नहीं तो तुम्हारे पति की डेड बॉडी तुम्हारे घर भेज दूंगा. तुम्हारा पति मेरे कब्जे में है.

वहीं मामला समाने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना पुरानी भिलाई में अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया. पुलिस ने संदेहियों के मोबाइल नम्बरों का सूक्ष्मता से जांच करने पर मुख्य संदेही आशीष तिवारी को घासीदास नगर जामुल को घेराबंदी कर पकड़कर पूछताछ किया गया. पूछताछ करने पर डकैती के प्रकरण में सेन्ट्रल जेल दुर्ग में निरूद्ध रहने के दौरान एकता नगर भिलाई 03 निवासी ओम प्रकाश साहू से जेल से ही जान पहचान हुई. ओम प्रकाश साहू के जमानत पर छूट जाने के बाद उसने आशीष तिवारी के पिता सूर्य प्रताप तिवारी से जमानत के लिए 30 हजार रुपये लिया था और जमानत भी नहीं कराया था. जेल में रहने के दौरान और जेल से बाहर आने के बाद भी ओम प्रकाश के द्वारा जमानत कराने के लिए दिए गए पैसे और अन्य कुछ लेन देन के लगभग 1.50 लाख रूपये लौटाने से मना किया, जिससे आशीष तिवारी क्षुब्ध था.

इतना ही नहीं अपने पैसों के साथ साथ आशीष फिरौती के भी पैसे ओम प्रकाश से निकलवाना चाहता था, जिससे वह अपने साथी रजनीष पाण्डेय और अनुज तिवारी निवासी खुर्सीपार के साथ मिलकर ओम प्रकाश साहू की फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाई और 31 मई की शाम 5 बजे उसी नम्बर से ओम प्रकाश साहू को फोन कर उमंदा शराब भट्टी के पास मिलने बुलाया और शराब पिलाया. जिसके बाद ओमप्रकाश का गला दबाकर और मुंह नाक बंद कर दिया, जिससे कुछ ही देर में ओम प्रकाश की मौत हो गई. हत्या के बाद बॉडी को जुट की बोरी में भरकर मयुरा कंपनी के पीछे खादान तालाब में ढकेल दिया.

वहीं पुलिस को गुमराह करने के लिए ओम प्रकाश के घर वालों को महादेव सट्टा का पैसा लेने की बात कही. अन्य आरोपी रजनीष पाण्डेय और अनुज तिवारी को नागपुर रेल्वे स्टेशन से रेल्वे पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया. दोनों आरोपियों के द्वारा अपने साथी आशीष तिवारी के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम देने की बात कबूल की. आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का शव, मेस्ट्रो वाहन, मोबाइल फोन, हत्या की घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, ऑरी एवं मोटर साइकिल बरामद कर जब्त किया गया. आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई थाना पुरानी भिलाई से की जा रही है.

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